मोगा: मोगा में एक साथ कई तरह की पाबंदियां लग गई हैं , जिनका कड़ाई के साथ पालन करना अनिवार्य है. इसमें लाउडस्पीकर, आर्केस्ट्रा और दूसरे आवाज प्रदूषण फैलाने वाले डिवाइस के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.

इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मोगा में इन सभी चीजों पर पाबंदी लगा दी है.इन रोक लगाने वाले आदेशों के बारे में जानकारी देते हुए जिला मैजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आवाज प्रदूषण (रेगुलेशन और कंट्रोल) रूल्स-2000 के नियमों के अनुसार सक्षम अधिकारी की लिखित इजाजत के बिना आवाज प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे किसी डिवाइस या सामान का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिसकी आवाज उसकी सीमा के बाहर सुनाई दे.

किन्तु यह आदेश उन लाउडस्पीकरों पर लागू नहीं होगा जो शासकीय प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाते हैं.10 बजे से होगा बैन आपको बता दें कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ऑर्केस्ट्रा बैण्ड, डीजे तथा लाउडस्पीकर/एम्पलीफायर/ढोल, नगाड़े एवं अन्य कोई भी ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरण (सार्वजनिक आपात स्थिति को छोड़कर) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यदि कोई प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक लाउडस्पीकर चलाना चाहता है तो संबंधित अनुविभागीय मैजिस्ट्रेट की अनुमति के पश्चात ही चलाया जा सकेगा.किसी भी स्थान पर चलाए जा रहे लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि का ध्वनि स्तर 10 डीबी(ए) एवं 75 डीबी(ए) (संबंधित स्थान के ध्वनि मानक के अनुसार) से अधिक नहीं होगा.

यह आदेश सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगा. रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक तेज आवाज करने वाले पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध है. यह प्रतिबंध सिर्फ रंग उत्पन्न करने वाले पटाखों पर लागू नहीं होगा.प्रेशर हॉर्न/हूटर और ऐसे दूसरे हॉर्न जो बहुत ज़्यादा आवाज़ (तय लिमिट से ज़्यादा) करते हैं बजाने पर पूरी तरह बैन रहेगा.मैरिज पैलेस के लिए यह नियमआपको बता दें कि मैरिज पैलेस में लगे लाउडस्पीकर की आवाज मैरिज पैलेस से बाहर नहीं जानी चाहिए. अगर इसका उल्लंघन होता है, तो संबंधित ऑर्केस्ट्रा, ष्ठछ्व और मैरिज पैलेस वगैरह के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लाउडस्पीकर की वजह से बूढ़े और बीमार लोगों और स्टूडेंट्स को परेशानी होती है. शोर और प्रदूषण की वजह से आम लोगों की सोच और बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर के अलावा, बिना इजाजत वाले लाउडस्पीकर की वजह से पैदा होने वाली संभावित कानूनी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ये ऑर्डर जारी किए गए हैं, ये 31 अगस्त, 2026 तक लागू रहेंगे.