Yasin Malik Money Laundering Case: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया है। मामले में आरोप है कि हवाला नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान और विदेशों से मिले धन का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर तय हुए आरोप

विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 के तहत अपराध और धारा 4 के तहत दंडनीय प्रावधानों के अंतर्गत आरोप तय करने का आदेश दिया।

इस मामले में यासीन मलिक के अलावा जहूर अहमद शाह वटाली, नवल किशोर कपूर, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, राशिद शेख और मेसर्स ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

अदालत के अनुसार, रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री सातों आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करती है। हालांकि, आरोप तय होना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है।

ED का दावा: 8.94 करोड़ रुपये की आपराधिक आय

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच में कुल 8.94 करोड़ रुपये की कथित आपराधिक आय का दावा किया है। ED के मुताबिक, 2015-16 के दौरान जहूर अहमद शाह वटाली के माध्यम से यासीन मलिक को कथित तौर पर 15 लाख रुपये मिले थे।

जांच एजेंसी ने मलिक को प्राप्त कुल कथित राशि 30.75 लाख रुपये बताई है। वहीं, NIA की अतिरिक्त चार्जशीट का हवाला देते हुए अदालत ने सऊदी अरब से 15.75 लाख रुपये मिलने का भी उल्लेख किया।

क्या है यासीन मलिक का मनी लॉन्ड्रिंग मामला?

यह मामला NIA द्वारा वर्ष 2017 में दर्ज किए गए आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच से संबंधित है। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि जम्मू-कश्मीर में गतिविधियों के लिए हवाला समेत अवैध माध्यमों से धन जुटाया गया।

मई 2022 में NIA की विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आतंकवाद के वित्तपोषण, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित अपराधों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मलिक फिलहाल जेल में है।

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