० रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 29% कम बारिश के बीच किसानों को राहत की उम्मीद
रांची। झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न दबाव अब डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने तथा 27 जुलाई को तटीय इलाकों में प्रवेश करने की संभावना है। इसी सिस्टम के असर से झारखंड में मॉनसूनी गतिविधियां तेज होंगी।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
27 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं 28 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की भी आशंका है।
29 प्रतिशत कम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता
एक जून से 26 जुलाई तक झारखंड में 325 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 29 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कम बारिश के कारण खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपाई प्रभावित हुई है।
हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक होने वाली व्यापक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आएगी, जिससे किसानों को रोपाई कार्य में राहत मिलने की उम्मीद है।
सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही वज्रपात और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।


