सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के रामपुर खजुरिया गांव की रहने वाली एक विधवा महिला ममता गिरी को साइबर अपराधियों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डरा-धमकाकर कुल 21 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। इस वारदात के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग हैरान हैं कि कैसे शातिर अपराधी अब ग्रामीण इलाकों तक अपनी जड़ें फैला चुके हैं।
सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और झूठे वादे
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस पूरी ठगी की पटकथा सोशल मीडिया के माध्यम से लिखी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिला की पहचान अरविंद गिरी नामक एक युवक से हुई थी। युवक ने महिला का विश्वास जीतने के लिए उसे नौकरी दिलाने और एक नया घर बनवाने का लालच दिया। मीठी-मीठी बातों और झांसों में आकर महिला धीरे-धीरे उसके जाल में फंसती चली गई। ठगों ने योजनाबद्ध तरीके से महिला को अपने नियंत्रण में लेना शुरू कर दिया और यहीं से उनके बुरे दिनों की शुरुआत हुई।
बैंक खातों पर कब्जा
ठगी का यह काला खेल गत एक सितंबर से शुरू हुआ था। शातिर आरोपियों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट करने के बाद मानसिक रूप से दबाव बनाया और उनका 11 लाख रुपये का फिक्स डिपॉजिट (FD) तुड़वाने का प्रयास किया। हालांकि बैंक से सीधे वह रकम एक बार में नहीं मिल पाई, तो ठगों ने दूसरा पैंतरा बदला। उन्होंने महिला के बैंक खाते का नया एटीएम कार्ड निकलवा लिया और उनके मोबाइल नंबर को भी बदलवा दिया, ताकि बैंक से आने वाले किसी भी अलर्ट या ओटीपी की जानकारी परिवार को न मिल सके। इसके बाद एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए लगातार पैसे निकाले जाते रहे।
विदेश में बैठा मास्टरमाइंड
जब महिला के सारे पैसे खत्म हो गए, तो ठगों की लालसा और बढ़ गई। विदेश में बैठे गिरोह के मास्टरमाइंड के निर्देश पर एक अन्य युवक महिला को उनके घर से जबरन उठाने के लिए पहुंच गया। लेकिन कहते हैं कि चोर की चाल आखिरकार पकड़ी जाती है; परिजनों की सतर्कता और सूझबूझ के कारण आरोपी युवक उनके चंगुल में फंस गया। परिवार के सदस्यों ने तुरंत साहस दिखाते हुए उसे दबोच लिया और पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने पकड़े गए युवक से पूछताछ शुरू कर दी है और इसके आधार पर पूरे साइबर गिरोह की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और वित्तीय लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें।


