सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक दलित नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की अमानवीय घटना घटी थी। इस गंभीर और संवेदनशील मामले में पुलिसिया कार्रवाई की सुस्ती और लीपापोती के आरोपों के खिलाफ भीम आर्मी और दलित सेना के बैनर तले एक विशाल न्याय मार्च निकाला गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप था कि स्थानीय पुलिस इस संगीन मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास जारी है।
आक्रोशित भीड़ ने मार्च निकालते हुए सीधे जिलाधिकारी कार्यालय का रुख किया। प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत पुलिस प्रशासन ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए पीड़ित परिवार के लिए तत्काल प्रभाव से न्याय और सुरक्षा की पुरजोर मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो उनका यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।
पुलिस अधीक्षक की पहल और आश्वासन
मामले की गंभीरता को भांपते हुए और बढ़ते जनआक्रोश को शांत करने के लिए मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने खुद कमान संभाली। एसपी ने पीड़ित दलित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी पूरी बात को ध्यान से सुना। उन्होंने पीड़ित परिवार को यह पूर्ण विश्वास दिलाया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण की बेहद गहराई से, निष्पक्षता के साथ और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर मिले इस ठोस आश्वासन के बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई और पूरा प्रदर्शन अंततः शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और संभावित तनाव के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन तथा खुफिया तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद नजर आए और लगातार हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
मोतिहारी के राजेपुर थाना क्षेत्र में हुई दलित नाबालिग से दुष्कर्म की घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और दलित संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भीम आर्मी और दलित सेना के नेतृत्व में निकाले गए इस न्याय मार्च ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पुलिस अधीक्षक के दखल और निष्पक्ष जांच के आश्वासन से फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पीड़ित परिवार और न्यायप्रिय जनता की निगाहें अब पुलिस की आगामी कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल पर टिकी हुई हैं।


