सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में इन दिनों भू-माफियाओं और दबंगों के हौसले लगातार सातवें आसमान पर हैं। जिले में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन मारपीट, तोड़फोड़ और हमले की खबरें आम हो चली हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां जमीन के रास्ते को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। पीड़ित ने अब न्याय की आस में पुलिस अधीक्षक (SP) के दरबार का दरवाजा खटखटाया है।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार बंजरिया थाना क्षेत्र के सिघिया सागर निवासी अनवर आलम ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए अपने लिखित आवेदन में पूरी घटना का विवरण साझा किया है। पीड़ित अनवर आलम के मुताबिक, उन्होंने शमशेर आलम से छह धुर जमीन की खरीदारी की थी। इस जमीन के साथ कानूनी दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से आने-जाने के लिए एक रास्ता भी निर्धारित किया गया था। इस रास्ते का इस्तेमाल केवल पीड़ित ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य भू-स्वामी भी आवागमन के लिए करते आ रहे हैं।
​विवाद की शुरुआत तब हुई जब गत 13 जुलाई को अनवर आलम अपनी खरीदी गई जमीन पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कुछ दबंग किस्म के लोग उस सार्वजनिक रास्ते पर जबरन मकान का निर्माण कर उसे पूरी तरह से बंद करने की कोशिश कर रहे हैं।

​विरोध करने पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

​जब पीड़ित अनवर आलम ने इस अवैध निर्माण कार्य और रास्ते को बंद करने का विरोध किया, तो आरोपी आग बबूला हो गए। आरोप है कि शमशेर आलम सैफी, शमसद आलम सैफी, संजर आलम सैफी और सफी अहमद सैफी समेत 4-5 अन्य अज्ञात लोगों ने एकजुट होकर पीड़ित पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से अचानक हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प के दौरान आरोपियों ने धारदार हथियार से अनवर आलम के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

​प्राथमिकरी दर्ज होने के बावजूद मिल रही हैं धमकियां

​घटना के बाद पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली। अनवर आलम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बाद बंजरिया थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हालांकि पुलिस कार्रवाई के बावजूद आरोपियों के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। आरोपी लगातार पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं जिसके कारण अनवर आलम और उनका पूरा परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि यदि पुलिस प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद सख्त कदम उठाए होते, तो आज आरोपियों का मनोबल इतना नहीं बढ़ता।

​एसपी का कार्रवाई का निर्देश

​इधर पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ और कठोर कानूनी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित अनवर आलम और उनके परिवार को अब पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद बंध गई है। बहरहाल, मोतिहारी में लगातार बढ़ रहे भूमि विवाद के मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है जिस पर लगाम कसना बेहद जरूरी हो गया है।