सोहराब आलम, मोतिहारी। तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर बैलघटी गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज में चार पहिया वाहन (स्कॉर्पियो) न मिलने के कारण गला घोंटकर या प्रताड़ित कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शादी के कुछ दिनों बाद ही शुरू हुई थी प्रताड़ना
मृतका की पहचान जयसिंहपुर बैलघटी निवासी सरवरे आलम की 22 वर्षीय पत्नी आशिया प्रवीण के रूप में हुई है। मृतका के भाई शाहनवाज ने बताया कि उनकी बहन की शादी इसी वर्ष जून महीने में जयसिंहपुर गांव निवासी मुमताज आलम के पुत्र सरवरे आलम के साथ हुई थी। शादी के दौरान परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सभी उपहार और जरूरत का सामान दिया था। लेकिन शादी के कुछ दिन बीतने के बाद ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर आशिया को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

मौत से पहले बहन को किया था आखिरी कॉल
घटना वाले दिन सुबह करीब नौ बजे आशिया ने अपनी बड़ी बहन को फोन किया था। लगभग 45 सेकंड की इस छोटी सी बातचीत में आशिया ने डरते हुए केवल इतना कहा था, हमें बुला लो, नहीं तो ये लोग मेरी हत्या कर देंगे। इसके बाद फोन कट गया। जब परिजनों ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।
दोपहर करीब दो बजे आशिया के ससुर का फोन मायके पक्ष के पास आया, जिसमें उन्होंने आशिया की मौत की सूचना दी। जब मायके वाले आनन-फानन में ससुराल पहुंचे, तो उन्होंने आशिया का शव फंदे से लटका हुआ पाया। हैरानी की बात यह थी कि घटना के बाद से ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव रामगढ़वा ले गए।
सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को नवविवाहिता की संदिग्ध मौत की सूचना मिलते ही टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था। मायके पक्ष की ओर से दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच कर रही है और फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

