सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले से भ्रष्टाचार का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जिले के तुरकौलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक स्वास्थ्यकर्मी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में खुलेआम रिश्वत मांगता हुआ दिख रहा है। सरकारी सेवाओं में व्याप्त इस भ्रष्टाचार ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
100 में नहीं, 200 लगेंगे: रंगे हाथों पकड़ा गया खेल
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि एक व्यक्ति जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी को 100 रुपये देने की कोशिश करता है। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मी पैसे लेने से इनकार करते हुए बड़ी बेबाकी से कहता है इतने में काम नहीं चलेगा, इसके लिए 200 रुपये लगेंगे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कथित तौर पर 200 रुपये की मांग पूरी होने के बाद ही स्वास्थ्यकर्मी काम करने के लिए तैयार होता है। इस वीडियो ने सरकारी कार्यालयों में चल रही रिश्वतखोरी की पोल खोलकर रख दी है।
सोशल मीडिया पर आक्रोश की लहर
इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह केवल एक कर्मचारी की बात नहीं है बल्कि सरकारी अस्पतालों में हर छोटे-बड़े काम के लिए एक फिक्स रेट तय कर दिया गया है। लोगों का आरोप है कि बिना सुविधा शुल्क दिए सामान्य नागरिकों के सरकारी काम लटका दिए जाते हैं। आक्रोशित जनता का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी आम आदमी को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
हालांकि इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है, लेकिन जिस तरह से PHC परिसर में पैसे का लेनदेन हो रहा है, उसने व्यवस्था की कलई खोल दी है। इस मामले ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या विभाग इस कथित वीडियो की जांच करवाएगा? क्या दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई होगी?
फिलहाल मोतिहारी का यह वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग संबंधित अधिकारियों से इस पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं। देखना यह होगा कि इस भ्रष्टाचार के खेल पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

