सोनीपत, 07 अगस्त। आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एडीसी कार्यालय परिसर में हवाई बमबारी जैसी आपात स्थिति पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन नोडल अधिकारी एवं गन्नौर की तहसीलदार ललिता की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करते हुए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
तहसीलदार ललिता ने कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराने की बजाय योजनाबद्ध एवं समन्वित तरीके से कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संबंधित विभागों की तैयारियों का आकलन करना, आपसी तालमेल को मजबूत बनाना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान हवाई बमबारी की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें परिसर में मौजूद बच्चों एवं अन्य लोगों के घायल होने और फंसने का दृश्य दर्शाया गया। सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दलों ने सुरक्षित तरीके से घायलों को बाहर निकाला तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाते हुए उन्हें चिकित्सीय सहायता के लिए भेजा। पूरे अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।
सिविल डिफेंस से कमांडेंट अधिकारी सुरेन्द्र हुड्डा ने अपनी टीम सहित मॉक ड्रिल में सक्रिय सहयोग दिया। वहीं सिविल अस्पताल से पहुंचे चिकित्सकों ने घायलों की तुरंत जांच कर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का सफल प्रदर्शन किया। चिकित्सीय टीम ने बताया कि आपदा के समय शुरुआती उपचार जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अग्निशमन विभाग की टीम ने भी मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आग लगने की संभावित स्थिति से निपटने, आग पर नियंत्रण पाने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। इसके साथ ही पशुपालन एवं डेयरी विभाग की टीम ने भी आपदा के दौरान पशुओं के बचाव, उपचार एवं सुरक्षा संबंधी विभागीय तैयारियों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान रेड क्रॉस, यूथ रेड क्रॉस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने, भीड़ नियंत्रण तथा राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास से सभी विभागों की कार्यप्रणाली और बेहतर होती है तथा वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आती है।
तहसीलदार ललिता ने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करता रहेगा, ताकि सभी विभाग हर प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें और किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया, अधीक्षक संदीप कुमार, सिविल अस्पताल से डॉ. राकेश कुमार, हिंदू फार्मेसी कॉलेज से डॉ. अमित लाठर व उनकी यूथ टीम, रेड क्रॉस सोसाइटी के डीटीओ संजय शर्मा एवं मांगेराम, अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर विनोद कुमार, राजकीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल बड़वासनी से पीटीआई आशा रानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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