Technology Desk: अगर आप Zbtlink या उससे जुड़े किसी OEM ब्रांड का Wi-Fi राउटर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck की एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि Zbtlink के कई राउटर मॉडल्स में फैक्ट्री से ही एक बैकडोर मौजूद है, जो डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ते ही एक्टिव हो सकता है।
रिसर्चर्स ने इस बैकडोर को ENDLESSDOORS नाम दिया है। खास बात यह है कि यह किसी बाहरी हैकर द्वारा डाला गया वायरस या मैलवेयर नहीं है, बल्कि राउटर के फर्मवेयर में पहले से मौजूद एक प्रोग्राम है।
फर्मवेयर में पहले से मौजूद है बैकडोर
VulnCheck के अनुसार, ENDLESSDOORS राउटर के सिस्टम में पहले से शामिल रहता है और हर बार डिवाइस शुरू होने पर अपने आप एक्टिव हो जाता है।
यह बैकडोर सिस्टम में kworker नाम के प्रोसेस के रूप में चलता है। kworker आमतौर पर Linux सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला सामान्य प्रोसेस नाम है, इसलिए यह आसानी से नजर नहीं आता और यूजर को इसकी जानकारी भी नहीं मिलती।
इंटरनेट से जुड़ते ही रिमोट सर्वर से करता है संपर्क
रिसर्च के मुताबिक, यह बैकडोर एक रिमोट कंट्रोल टूल (rctl) पर आधारित है। जैसे ही राउटर इंटरनेट से कनेक्ट होता है, यह एक तय कमांड एंड कंट्रोल (C2) सर्वर से संपर्क करने की कोशिश करता है।
इस सर्वर के जरिए राउटर पर कमांड भेजे जा सकते हैं। रिसर्चर्स का दावा है कि यह कमांड Root Privileges के साथ चलाए जा सकते हैं, यानी अगर किसी हमलावर को इसका कंट्रोल मिल जाता है तो वह राउटर के सिस्टम पर गहरा नियंत्रण हासिल कर सकता है।
सिक्योरिटी में बड़ी कमी
VulnCheck ने बताया कि इस कम्युनिकेशन में किसी तरह का ऑथेंटिकेशन सिस्टम नहीं मिला। इसके अलावा डेटा ट्रांसफर के दौरान एन्क्रिप्शन की सुविधा भी मौजूद नहीं होने का दावा किया गया है।
इसका मतलब है कि यदि कोई साइबर अपराधी इस कनेक्शन को अपने नियंत्रण में लेने में सफल हो जाता है, तो वह राउटर पर इंटरैक्टिव Root Shell हासिल कर सकता है और सिस्टम में बदलाव कर सकता है।
किन राउटर मॉडल्स पर मिला असर?
VulnCheck की जांच में Zbtlink की वेबसाइट पर उपलब्ध करीब दो दर्जन फर्मवेयर इमेज में यह बैकडोर पाया गया।
रिसर्चर्स ने Z8102AX-2DSIM (AX3000) समेत लगभग 20 राउटर मॉडल्स को प्रभावित बताया है।
इसके अलावा चिंता की बात यह है कि Zbtlink कई कंपनियों के लिए OEM/ODM निर्माता के तौर पर भी काम करती है। यानी ऐसे राउटर जो किसी दूसरे ब्रांड के नाम से बाजार में बिक रहे हैं, उनमें भी यह समस्या हो सकती है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
फिलहाल VulnCheck के अनुसार इस समस्या के लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर अपडेट या सिक्योरिटी पैच उपलब्ध नहीं है।
यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे:
अपने Wi-Fi राउटर का मॉडल नंबर जांचें।
देखें कि उनका डिवाइस प्रभावित मॉडल की सूची में शामिल है या नहीं।
राउटर से होने वाले संदिग्ध आउटबाउंड इंटरनेट कनेक्शन पर नजर रखें।
जरूरत पड़ने पर प्रभावित राउटर को नेटवर्क से अलग कर दें।
ज्यादा जोखिम होने पर डिवाइस बदलने पर विचार करें।
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स का कहना है कि इस मामले को सिर्फ एक सामान्य सॉफ्टवेयर बग की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह डिवाइस की विश्वसनीयता और सप्लाई चेन सिक्योरिटी से जुड़ा गंभीर मुद्दा हो सकता है।
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