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शब्बीर अहमद,भोपाल। पूर्व सीएम व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ओबीसी आरक्षण और किसानों के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने बीजेपी की शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला है. कमलनाथ ने 2 माह के अंदर पंचायत चुनाव कराने की मांग की है. शिवराज सरकार को ओबीसी विरोधी बताया है.

पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में नाटक-नौटंकी चल रही है. पंचायत चुनाव को लेकर सरकार जो अध्यादेश लेकर आई थी, वो असंवैधानिक था. हम इस काले कानून को लेकर कोर्ट गए थे. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले 2 महीने के अंदर ओबीसी आरक्षण और परिसीमन के साथ हो. अगर 2 माह के भीतर चुनाव नहीं हुए तो कांग्रेस ब्लॉक स्तर पर आंदोलन करेंगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी विरोधी है. बीजेपी सरकार एक कानून बता दे जो ओबीसी के लिए बनाया हो. सरकार 12 सौ करोड़ स्कॉलरशिप नहीं दी. बीजेपी सरकार ओबीसी का हित नहीं चाहती है.

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‘ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस करेगी आंदोलन’

आगे कमलनाथ ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए नहीं दौड़ता हूं. मैं सिर्फ एमपी को सही हाथों में देखना चाहता हूं. शिवराज सरकार ने प्रदेश को तहस-नहस कर दिया है. प्रदेश में ओबीसी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है. केंद्र और प्रदेश की सरकार ओबीसी के साथ अन्याय कर रही है. 2 माह के अंदर पंचायत चुनाव नहीं होता है तो कांग्रेस कार्यकर्ता हर ब्लॉक पर आंदोलन करेंगे.

‘किसानों को मुआवजा दे सरकार’

वहीं पीसीसी चीफ कमलनाथ ने किसानों को लेकर कहा कि प्रदेश के कई इलाकों मे ओलावृष्टि हुई है. ओले गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है, उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं. जिससे अन्नदाता परेशान हैं, लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा किसानों के बीच नहीं गया है. किसान मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं .कमलनाथ ने कहा कि हम जल्द ही प्रदेश के किसानों के बीच जाएंगे और उनकी पीड़ी सुनेंगे. बीजेपी को केवल चुनाव के समय ही किसानों की याद आती है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार किसानों के नुकसान का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दे.

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कृषि मंत्री ने कमलनाथ पर किया पलटवार

इधर, कमलनाथ के बयान पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने पलटवार किया है. कृषि मंत्री ने कांग्रेस और कमलनाथ को किसानों की बात करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें किसानों से माफी मांगनी चाहिए. कर्जमाफी के नाम पर कांग्रेस ने किसानों के साथ छलावा किया है. कृषि मंत्री पटेल ने कहा जहां तक भारी बारिश से फसलों के नुकसान की बात है इसके लिए सरकार किसानों की मदद के लिए तैयार है. नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है. 24 घंटे में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं. सर्वे होने के बाद 72 घंटे में बीमा की 25 फ़ीसदी राशि किसानों को दिलाएंगे. बाकी राशि मार्च तक किसानों को मिल जाएगी. किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है राज्य और केंद्र सरकार उनके साथ है. प्रत्येक खेत को इकाई मानकर बीमा राशि दिलाई जाएगी.

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