राकेश चतुर्वेदी, भोपाल, आशुतोष द्विवेदी, रीवा। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार हुई अतिवृष्टि के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई है, जिससे भारी तबाही मची है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। रीवा में अधिकारियों की आपात बैठक लेकर उन्होंने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री रविवार को सतना जिले के चित्रकूट पहुंचकर जलभराव और नुकसान का मैदानी जायजा लेंगे।
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रामघाट का पुराना पुल क्षतिग्रस्त, सेना के हेलीकॉप्टर तैनात
बाढ़ से भारी तबाही: चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छूते हुए 136 मीटर के अधिकतम फ्लड लेवल के करीब पहुंच गया। हालांकि, अब जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।
पुल टूटा, बचाव कार्य जारी: मंदाकिनी नदी के उफान से रामघाट से हनुमान धारा पहुंच मार्ग का पुराना पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
सेना और SDRF ने संभाला मोर्चा: प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें जुटी हुई हैं। स्थिति को देखते हुए सेना के हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
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6 आश्रय स्थल बनाए गए: प्रभावित लोगों के लिए चित्रकूट में 6 राहत और आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां उनके ठहरने, भोजन और स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाओं का पूरा प्रबंध किया गया है।
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