शब्बीर अहमद, भोपाल। कांग्रेस में घर वापसी अभियान को लेकर पार्टी में दो फाड़ हो गई है! हाल ही में आयोजित संभागीय बैठकों में जिलों के पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं की घर वापसी का विरोध किया था। कई पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पदाधिकारी रहे नेताओं के वापसी की बात कही गई थी। लेकिन सभी ने एक स्वर में पार्टी छोड़कर गए नेताओं को वापस लेने का विरोध किया है। यह मुद्दा हाल ही में हुई जिला अध्यक्ष और प्रभारी की बैठक में उठा था।

कांग्रेस से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले नेताओं की ‘घर वापसी’ की राह आसान नजर नहीं आ रही है। पार्टी का साफ कहना है कि बीजेपी छोड़कर आने वालों को अब पैराशूट एंट्री नहीं मिलेगी, बल्कि इसके लिए कड़े राजनीतिक इम्तिहान से गुजरना होगा। वहीं पार्टी छोड़कर गए नेताओं को वापस कांग्रेस में लेने का विरोध किया जा रहा है।

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आपको बता दें कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद कई बड़े नेताओं और पदाधिकारी ने पार्टी छोड़ी थी। हाल ही में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घर वापसी को लेकर अभियान चलाने की बात कही थी। लेकिन जिले में वापसी को लेकर विरोध उठ रहा है। ऐसे में इस अभियान पर ब्रेक लग सकता है।

वहीं इस मामले में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि संगठन को सोच समझकर निर्णय करना चाहिए। बैठक में तय होना चाहिए कि किसकी वापसी हो और किसकी नहीं… बरैया ने कहा कि संगठन का निर्णय सबके लिए मान्य होगा, सभी पक्षों पर विचार होना चाहिए।

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