शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में अब चुनावी समीकरण को लेकर गर्माहट शुरू हो चली है। एक और ओरछा में बीजेपी का महामंथन जारी है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी चुनावी मुद्दों को लेकर सक्रिय हो चली है। इलेक्शन मोड के दौरान कांग्रेस सामान्य नागरिक संहिता के खिलाफ बड़ा कैंपेन खड़ा करेगी। साथ ही लोगों से वादा किया जाएगा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो UCC को खत्म किया जाएगा।
दरअसल, यूसीसी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने यूसीसी को एक पक्षीय करार दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी दिग्गज यूसीसी की खिलाफत कर रहे हैं। पार्टी का मानना है कि असमानता का कानून है। जो प्रदेश का बड़ा मुद्दा होगा। इसे चुनाव समेत अपनी चुनावी रणनीति में प्रमुखता से शामिल किया जाना भी तय है।
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समानता के नाम पर असमानता, असमाजिकता का कानून- कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ विक्रम चौधरी ने कहा कि सामान्य नागरिक संहिता से संविधान की हत्या का रास्ता निकाला गया है। न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता को बाधित करने वाला यह कानून है बल्कि संविधान की मूल विचारधारा समानता के भी विपरीत है। एक पार्टी, एक निशान, एक झंडा, एक संविधान की बात करने वाली बीजेपी जातिगत मतभेद का बड़ा प्रपंच रच रही है। लिहाजा पार्टी इन्हें इलेक्शन पॉलिटिकल स्ट्रेटजी में शामिल करेगी।
तुष्टिकरण के नाम कांग्रेस, उन्हें चाहिए तीन तलाक के बाद हलाल – बीजेपी
वहीं कांग्रेस की इस कवायद पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और करना चाहती है। कांग्रेस तीन तलाक हलाला और अल्पसंख्यक वर्ग के भले के लिए कभी बात नहीं करना चाहती। कांग्रेस का सच जनता के सामने है, जिसका जवाब बीते लोकसभा, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिलता रहा है।
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