हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाओं का एकेडमिक कैलेंडर करीब 20 दिन की देरी से जारी किया है। जबकि प्रदेश के अधिकांश कॉलेजों में 1 जुलाई से नई कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अब कॉलेजों के सामने सीमित समय में पूरा पाठ्यक्रम खत्म कराने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा में कोर्स पूरा करना होगा, अन्यथा अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी।

सिर्फ 90 शैक्षणिक दिनों में पूरा कराना होगा कोर्स

कैलेंडर के अनुसार, यूजी प्रथम वर्ष और पीजी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए कुल 132 कार्य दिवस तय किए गए हैं। लेकिन इसमें त्योहार, स्थानीय अवकाश, दीपावली अवकाश, कॉलेज गतिविधियां और परीक्षा पूर्व तैयारी के लिए मिलने वाले अवकाश को हटाने के बाद छात्रों को वास्तविक रूप से केवल 90 शैक्षणिक दिन ही मिलेंगे। यानी कॉलेजों को मात्र तीन महीने की प्रभावी पढ़ाई में पूरा सिलेबस समाप्त करना होगा। इसके चलते शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों पर अतिरिक्त दबाव रहेगा।

अगस्त से इंटरनल और नवंबर में सेमेस्टर परीक्षाएं

एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक, अगस्त के पहले सप्ताह से सितंबर के अंतिम सप्ताह के बीच इंटरनल असेसमेंट कराए जाएंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित होंगी और नवंबर के पहले दस दिनों में सेमेस्टर परीक्षाएं होंगी। इन परीक्षाओं के परिणाम 31 दिसंबर तक घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।

पीजी सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई 15 दिसंबर से

पीजी सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होंगी और 25 अप्रैल तक चलेंगी। इस अवधि में कुल 155 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं, लेकिन अवकाश घटाने के बाद यहां भी लगभग 90 प्रभावी शैक्षणिक दिन ही उपलब्ध होंगे। इनकी प्रायोगिक परीक्षाएं 1 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी, जबकि मुख्य सेमेस्टर परीक्षाएं 1 मई से 23 मई तक प्रस्तावित हैं।

यूजी वार्षिक परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम

द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष की कक्षाएं पहले से 1 जुलाई से संचालित हो रही हैं।

वार्षिक प्रणाली के तहत

प्रायोगिक परीक्षाएं 5 मार्च से 20 मार्च तक होंगी।
मुख्य वार्षिक परीक्षाएं 27 मार्च से 31 मई तक आयोजित की जाएंगी।
यूजी फाइनल ईयर का परिणाम 20 जून 2027 तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
अन्य सभी परिणाम 30 जून 2027 तक घोषित किए जाएंगे।

छात्रसंघ चुनाव और वार्षिक उत्सव का भी कैलेंडर तय

उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ कॉलेजों की अन्य गतिविधियों का भी समय निर्धारित किया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सितंबर में छात्रसंघ गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि छात्रसंघ चुनाव को लेकर शासन के अंतिम निर्देशों का इंतजार रहेगा। इसके अलावा खेलकूद, एनएसएस, एनसीसी और युवा उत्सव जैसी गतिविधियां 15 नवंबर तक पूरी कराने का लक्ष्य रखा गया है।

कॉलेजों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा यह सत्र

एकेडमिक कैलेंडर देर से जारी होने और प्रभावी पढ़ाई के लिए केवल 90 दिन उपलब्ध होने से इस बार कॉलेजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ समय पर सिलेबस पूरा कराने की होगी। यदि निर्धारित अवधि में कोर्स पूरा नहीं होता है तो संस्थानों को अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करनी पड़ सकती हैं। छात्रों को भी कम समय में पढ़ाई, इंटरनल असेसमेंट और परीक्षाओं की तैयारी एक साथ करनी होगी, जिससे यह शैक्षणिक सत्र पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यस्त रहने वाला है।

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