MP Weather Update: संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में सक्रिय होता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों तक रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलो में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजधानी भोपाल में हल्की बारिश या रिमझिम के आसार है।
पूर्वी जिलो के साथ जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर चंबल संभाग में तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
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अब तक इतनी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसका असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा। सिस्टम का प्रभाव पूर्वी हिस्से में ज्यादा होने से यहां बारिश का दौर मजबूत रह सकता है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। प्रदेश में अब तक 683.9 मिलीमीटर यानी करीब 26.9 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इस अवधि तक सामान्य बारिश 750.9 मिलीमीटर यानी करीब 29.5 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी है और कुल बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम है।
कहीं कम तो कहीं सामान्य से ज्यादा गिरा पानी
पूर्वी हिस्से में 6 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम है। प्रदेश के 37 जिलों में भी बारिश सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक कम दर्ज हुई है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जिनमें अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भोपाल, ग्वालियर, गुना, दतिया, भिंड, बुरहानपुर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश से स्थिति कुछ सुधरी, लेकिन मानसून के कमजोर पड़ने से बीच में कई दिन सूखे रहे। जुलाई के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने बारिश की कमी को काफी हद तक दूर किया और जुलाई का कोटा पूरा हो गया। इसके बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। पूरे मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के बीच रहता है।
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