शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा 27 फरवरी को बाबा साहेब अंडेबकर की जन्मस्थली महू की रैली में राजनीतिक भाषण पर प्रतिबंध पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इंदौर जिला प्रशासन के आदेश को तुगलकी फरमान बताया है वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए जिला प्रशासन के आदेश का समर्थन किया है।
कांग्रेस नेताओं के महू रैली में राजनीतिक भाषण रोक पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने इंदौर जिला प्रशासन के आदेश तुगलकी फरमान बताया है। कहा- ये आदेश दिखाता है सरकार संविधान विरोधी है। इन आदेशों से कांग्रेस डरने वाली नहीं है।कांग्रेस संविधान बचाने के लिए हमेशा लड़ती रहेगी। कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने जिला प्रशासन के आदेश को सही बताते हुए कहा कि- कांग्रेस की रैली का नाम जय बापू, जय भीम, जय संविधान तो बाबा साहेब पर बात करेंगे। कांग्रेस मंच से संविधान पर बात करें लेकिन राजनीतिक रूप से कोसने का काम बाबा साहेब की जन्म भूमि से नहीं करे। नियम शर्तों के हिसाब से परमीशन दी जाती है और महू में भी ऐसे ही अनुमति दी गई है। कांग्रेस को खुद कहना चाहिए हम धर्म विरोधी और दूसरे राजनीतिक दलों के खिलाफ नहीं बोलेंगे।


