शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा संगठन में नियुक्तों को लेकर उठाये सवाल पर प्रदेश में सियासी पारा गर्म हो गया है। सत्ताधारी बीजेपी ने दिग्विजय समेत कांग्रेस पर सियासी निशाना साधते हुए इसे कांग्रेस के अंदर गृहयुद्ध वाले हालात बताया है। वहीं कांग्रेस ने भी पटलवार किया है।
कांग्रेस के अंदर अगली पीढ़ी की लड़ाई
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- बेटे को जिलाध्यक्ष बनाने का दर्द दिग्विजय सिंह का सामने आया है। कांग्रेस के अंदर आपसी खींचतान चल रही है। दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच का संवाद ये बताता है कि कांग्रेस में एससी वर्ग को सम्मान नहीं है। समाजों को भी समझ लेना चाहिए कांग्रेस के नेता बेटा बेटियों के लिए राजनीति करते हैं। कांग्रेस के अंदर अगली पीढ़ी की लड़ाई चल रही है। दिग्विजय सिंह के अंदर दर्द है प्रदेश में जाने वाले बेटे को जिलाध्यक्ष बनाया। कांग्रेस के अंदर अब दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सुनवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस के अंदर के गृह युद्ध चल रहा है इसकी उनको शुभकामनाएं। कहा- अनुसूचित जाति वर्ग को कांग्रेस से अलर्ट रहना चाहिए।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पावरफुल
कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के संवाद को सियासी केमिस्ट्री बताया है। एससी विभाग की बैठक में जो हुआ ये दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच की केमिस्ट्री है। जयवर्धन सिंह के लिए अभी बहुत समय है। दिग्विजय सिंह के बयान का मतलब ये है की जितना पावरफुल पीसीसी चीफ को होना चाहिए उतने जीतू पटवारी है। बीजेपी हम पर सवाल न उठाएं उनके घर खुद शीशे के हैं। राजनीति बदलाव का खेल है, कब क्या बदलाव हो जाए पता नहीं।


