राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद से ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ही खेमों में हलचल तेज है। इस बीच, भाजपा के दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस के टिकट वितरण और उनके आंतरिक असंतोष को लेकर जमकर निशाना साधा है।

‘कांग्रेस में मठाधीश दोहराए जा रहे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की वंशवाद और पुरानी परंपरा पर कड़ा प्रहार किया है। भोपाल में बयान देते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस में वही पुराने चेहरे और मठाधीश बार-बार दोहराए जा रहे हैं। मैंने कर्नाटक का मंत्रिमंडल भी देखा है, वहां एक तरफ खड़गे और सिद्धारमैया के परिवार का ही कब्जा है।”

भाजपा की तारीफ करते हुए शिवराज सिंह ने कहा, “बीजेपी वाकई ‘पार्टी विद डिफरेंस’ है। हमारी चयन प्रक्रिया को देखिए; पार्टी ने रजनीश अग्रवाल को टिकट दिया है, जिन्होंने न कभी टिकट मिलने की उम्मीद की थी और न ही इसके लिए कोई एप्रोच या पैरवी की थी। पार्टी ने खुद उनके काम को देखा और उनका चयन कर लिया।”

‘पार्टी कहेगी तो तीसरा उम्मीदवार भी जिताकर दिखाएंगे’

उधर इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ा संकेत दे दिया है। विजयवर्गीय ने तीसरे उम्मीदवार की संभावनाओं पर हवा देते हुए कहा, “मध्य प्रदेश में राज्यसभा को लेकर सियासी हलचल तेज है। अगर हमारी पार्टी कहेगी, तो हम तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतारेंगे और उसे जिताकर भी दिखाएंगे।”

बीजेपी प्रत्याशियों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल की उम्मीदवारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश का सौभाग्य है कि हमें दिल्ली का इतना बड़ा नेता मिला है। तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल दोनों ही ऐसे निष्ठावान नेता हैं जो हमेशा ‘बिहाइंड द कर्टेन’ (पर्दे के पीछे) रहकर संगठन के लिए दिन-रात काम करते हैं। पार्टी ने राज्यसभा के लिए दो बेहद मजबूत नाम दिए हैं और दोनों की जीत तय है।”

‘कांग्रेस में शुरू हुआ आंतरिक विरोध, क्रॉस वोटिंग के स्पष्ट संकेत’

कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर उपजे असंतोष पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बड़ा तंज कसा है। आशीष अग्रवाल ने लिखा, “राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी का आंतरिक विरोध शुरू हो चुका है। चुनाव से पहले ही कांग्रेस का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के फैसलों पर खुद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ही सवाल उठा रहे हैं।”

उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अब कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग केवल एक आशंका नहीं रह गई है, बल्कि इसके स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे हैं। कांग्रेस के भीतर बढ़ती यह नाराजगी दर्शाती है कि आलाकमान के निर्णयों पर उनका भरोसा कमजोर हो चुका है। जब विरोधी नहीं, बल्कि अपने ही लोग फैसलों पर सवाल उठाने लगें, तो हार के संकेत स्वतः दिखाई देने लगते हैं।”

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