शब्बीर अहमद, भोपाल । मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों और अध्यापकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के करीब 70 हजार शिक्षकों की सैलरी में 15 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की बंपर बढ़ोतरी होने जा रही है। इसके साथ ही शिक्षकों को बीते 10 सालों का बकाया एरियर भी मिलेगा। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का अंतिम समय दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिक्षक संगठन छठे वेतनमान का लाभ दिए जाने को लेकर अदालत पहुंचे थे। शिक्षक संघों की मांग थी कि उन्हें छठे वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2016 की बजाय 1 जनवरी 2006 से दिया जाए। मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को 2006 से ही छठा वेतनमान देने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर चुनौती दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।
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सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद भी जब शिक्षकों को एरियर और बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिला, तो शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश के प्रांतीय विधि प्रभारी राजेश पांडे ने याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की और सरकार से पूछा कि अब तक कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया है? अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते की मोहलत दी है।
पहली नियुक्ति से सेवा अवधि जोड़ने का रास्ता साफ
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश लागू करने चार सप्ताह का समय दिया है। हाई कोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की SLP को 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दी थी। SLP खारिज होने के बाद शिक्षकों ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका लगाई थी। जिसके बाद सरकार ने आदेश पालन के लिए समय मांगा, कोर्ट ने चार सप्ताह का वक्त दिया है। 2018 के पहले की सेवाओं को संविलयन में शामिल न करने पर याचिका लगाई गई थी।
जॉइनिंग के पहले दिन से ही सेवा अवधि जोड़कर वरिष्ठता और सभी लाभ देने की मांग की गई थी। आदेश अमल में आने से शिक्षकों की 15 से 20 हजार तक मासिक सैलरी बढ़ सकती हैं। जिसमे करीब 10 साल के एरियर का दावा भी किया जा रहा है। यह राशि प्रति शिक्षक सात से आठ लाख रुपये तक बताई गई है। बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज का भी दावा है। अगर ऐसा होता है तो प्राथमिक शिक्षकों का वेतन एक लाख तक पहुंचने का अनुमान है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
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