प्रदीप मालवीय, उज्जैन। कुवैत एयरपोर्ट पर हुए ईरानी हमले में उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद (30 वर्षों से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे थे) की दर्दनाक मौत हो गई। भारतीय दूतावास शव को हवाई मार्ग से अहमदाबाद भेजने की तैयारी कर रहा है, लेकिन आर्थिक रूप से बेबस परिजनों ने अब प्रशासन से शव को अहमदाबाद से उज्जैन लाने के लिए सरकारी मदद और एंबुलेंस की मांग की है।
भारतीय दूतावास परिवार की मदद कर रहा
दरअसल पिछले 30 सालों से कुवैत में रहकर पाई-पाई जोड़ रहे मंजूर अपनी भांजी की शादी में शामिल होने घर आ रहे थे, जिसको लेकर वे बहुत खुश थे। लेकिन रास्ते में ही वे इस भयानक युद्ध की बलि चढ़ गए। इस बीच, ताजा अपडेट यह है कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास (एंबेसी) ने मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को हवाई मार्ग से गुजरात के अहमदाबाद तक पहुंचाने में दूतावास परिवार की मदद कर रहा है।
एंबुलेंस मुहैया कराई जाए
हालांकि, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित परिवार के सामने अब एक नया संकट खड़ा हो गया है। दुःखी परिवार का कहना है कि अहमदाबाद से पार्थिव शरीर को उज्जैन लाने की आर्थिक क्षमता उनकी नहीं है। ऐसे में बेबस परिजनों ने मध्यप्रदेश सरकार और उज्जैन जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें अहमदाबाद से उज्जैन तक के लिए एक एंबुलेंस मुहैया कराई जाए, ताकि वे समय पर शव को गृह नगर लाकर पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका सुपुर्दे खाक कर सकें।

