अजयारविंद नामदेव, शहडोल। करोड़ों रुपये की लागत से बना अस्पताल, लेकिन इलाज के लिए न डॉक्टर, न स्टाफ, यह तस्वीर किसी दूर-दराज के गांव की नहीं, बल्कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री के प्रभार वाले जिले की है। शहडोल के जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिच्छू के डंक से तड़पती एक महिला घंटों इलाज के लिए इंतजार करती रही। परिजनों के बार-बार फोन करने के बाद काफी देर से एक स्टाफ नर्स अस्पताल पहुंची और उपचार शुरू हुआ। 

READ MORE: प्रमोशन में अनदेखी! आईटीआई के आठ टीओ नाराज, बोले- गोपनीय चरित्रावली में नियमों का पालन नहीं

पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले के जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के डोगरी टोला निवासी ललिता शाहू, पति रामदास शाहू, को बिच्छू ने डंक मार दिया। तेज दर्द से तड़प रही महिला को उनके रिश्तेदार राकेश शाहू कई किलोमीटर दूर से बाइक पर बैठाकर इलाज के लिए जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर वहां का नजारा चौंकाने वाला था। करोड़ों रुपये की लागत से बना अस्पताल भवन तो मौजूद था, लेकिन मरीजों के इलाज के लिए न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही आवश्यक स्टाफ।

READ MORE: महिला आरक्षक लव जिहाद की शिकार: सौरभ बन शोहराब ने बनाए संबंध, रोजा रखवाया-गौमांस खिलाया, 5 महीने का गर्भ लेकर पहुंची SP ऑफिस

दर्द से कराहती महिला घंटों अस्पताल परिसर में इलाज का इंतजार करती रही,परिजनों ने जब अस्पताल के कर्मचारियों को मोबाइल पर संपर्क किया, तब काफी देर बाद एक स्टाफ नर्स अस्पताल पहुंची और महिला का उपचार शुरू किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इलाज कराने आए परिजनों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह घटना न केवल जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल भवन तो बना दिए गए हैं, लेकिन यदि समय पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो ऐसी व्यवस्थाओं का लाभ आम जनता को कैसे मिलेगा। 

वहीं इस पूरे मामले में बुढार बीएमओ डॉ सचिन  कारखुर ने जानकारी देते हुए बताया कि जब महिला इलाज के लिए गई थी, स्टाफ था ,लेकिन लंच होने के कारण डॉक्टर नहीं थे, महिला का तत्काल इलाज कराया गया है,इलाज के लिए जाते ही उनके साथ मौजूद शख्स वीडियो बनाने लगे थे। 

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m