नीरज काकोटिया, बालाघाट। कुछ दिन पहले कौशल विकास संचालनालय की ओर से आईटीआई के ट्रेनिंग ऑफिसर्स की प्रमोशन लिस्ट जारी की गई थी। इस सूची में बालाघाट आईटीआई में पदस्थ कुछ ट्रेनिंग ऑफिसर्स नाराज है। उनका आरोप है कि सीआर के मूल्यांकन में नियमों का पालन नहीं किया गया।

आईटीआई बालाघाट के सबसे वरिष्ठ और आगामी 3 माह में सेवानिवृत्त होने वाले ट्रेनिंग ऑफिसर दशरथ बिसेन तो पदोन्नति सूची में स्वयं का नाम नहीं होने से काफी आहत हुए हैं। उनका कहना है कि वे आईटीआई का सबसे सीनियर ट्रेनिंग ऑफिसर है, कभी किसी प्रकार का शो-कॉज नोटिस नहीं मिला, लेकिन प्रमोशन का आधार सीआर (गोपनीय चरित्रावली) में कम अंक के कारण उन्हें प्रमोशन नहीं मिला। ये गर्वमेंट आईटीआई के वो टीओस हैं, जिनके पढ़ाए गए बच्चों ने अपने ट्रेड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया। बावजूद ऐसे ट्रेनिंग ऑफिसरों का नाम प्रमोशन लिस्ट में नहीं है। जिसकी वजह सीआर (गोपनीय चरित्रावली) बताया जा रहा है। जबकि ट्रेनिंग ऑफिसर बताते है कि नियुक्ति दिनांक से लेकर आज तक उनकी चरित्रावली निष्कलंक है।

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ट्रेनिंग ऑफिसर दशरथ बताते है कि प्रमोशन में अनदेखी को लेकर उन्होंने प्राचार्य से लेकर सचिव तक को पत्र लिखा है और वह कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे है। महिला ट्रेनिंग ऑफिसर रत्नमाला गनवीर ने बताया कि बालाघाट आईटीआई में पांच महिला ट्रेनिंग ऑफिसर है, लेकिन किसी को भी पदोन्नति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रमोशन लिस्ट में हमारा नाम ऊपर था, बावजूद हमारी अनदेखी की गई।

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