रोहित कश्यप, मुंगेली. मुंगेली जिले के ग्राम नेवासपुर स्थित माध्यमिक शाला में भारी बारिश के बाद जलभराव और कीचड़ की समस्या अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तरों पर चर्चा का विषय बन गई है. एक ओर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर उपमुख्यमंत्री के गृह जिले की शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए. वहीं दूसरी ओर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी दिए हैं.
कांग्रेस का सोशल मीडिया पोस्ट बना चर्चा का केंद्र

इंडियन नेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उपमुख्यमंत्री, आपका जिला ही आपकी सरकार की सच्चाई बता रहा है. मुंगेली के नेवासपुर में बच्चों का भविष्य बदहाल व्यवस्था की भेंट चढ़ रहा है और सरकार सिर्फ विकास के दावे कर रही है.
कलेक्टर ने अधिकारी को दिए जांच के निर्देश
सोशल मीडिया में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही विद्यालय की अव्यवस्था की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने को गंभीर लापरवाही मानते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विमित्रा घृतलहरे, विद्यालय के प्रधान पाठक और संबंधित संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
लो-लाइन क्षेत्र होने से भरा पानी, समय पर नहीं पहुंची जानकारी
जानकारी के मुताबिक, नेवासपुर का माध्यमिक विद्यालय लो-लाइन क्षेत्र में स्थित है. पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश के कारण विद्यालय परिसर में पानी भर गया और चारों ओर कीचड़ फैल गया, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचाई गई, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है.
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं : कलेक्टर
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी दिए जा चुके थे निर्देश
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर इससे पहले भी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और विद्यालय प्रमुखों को नियमित निरीक्षण करने तथा विद्यालयों में उत्पन्न किसी भी समस्या की तत्काल सूचना जिला प्रशासन को देने के निर्देश दे चुके हैं. इसके बावजूद नेवासपुर की स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की.

नोडल अधिकारियों को भी निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को विद्यालयों का नोडल अधिकारी बनाकर नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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