धर्मेंद्र यादव, निवाड़ी। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और जनहित की योजनाओं में ढुलमुल रवैया अपनाने के आरोप में जेरोन खालसा नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मोहन चौरसिया को निलंबित कर दिया है। यह सख्त कार्रवाई सागर संभागायुक्त द्वारा की गई है।

कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज

दरअसल निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े ने पिछले दिनों नगर परिषद जेरोन खालसा के कामकाज और वहां की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण एवं समीक्षा की थी। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने इस संबंध में एक विस्तृत जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार कर सागर संभागायुक्त को भेजा था। इस प्रतिवेदन के आधार पर संभागायुक्त ने सीएमओ को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए।

इन गंभीर कमियों और लापरवाही के चलते हुआ निलंबन

जांच प्रतिवेदन में सीएमओ मोहन चौरसिया के खिलाफ क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था अत्यंत असंतोषजनक पाई गई, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के क्रियान्वयन में भारी उदासीनता बरती गई, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। नगर विकास के लिए जिन कार्यों को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी थी, उन्हें नियत समय पर शुरू कराने में असफल रहे। अन्य विभागीय और जनहित के कार्यों को समय पर पूरा न करने व प्रशासनिक शिथिलता बरतने के गंभीर आरोप भी जांच में सही पाए गए।

लापरवाह अधिकारियों को सख्त संदेश

कलेक्टर की इस तत्परता और संभागायुक्त की त्वरित कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही, जनता के कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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