सोनू वर्मा, नूंह। वर्ष 2021 में हुए चर्चित हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी भीम पुत्र राजबीर (निवासी आलदुका) को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. राहुल बिश्नोई की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला 24 नवंबर 2021 को थाना सदर नूंह में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता रामधन ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई पूर्ण एक ईंट-भट्टे पर चौकीदार के रूप में कार्य करता था और 23 नवंबर की रात ड्यूटी पर था। अगली सुबह वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला।
परिजनों के अनुसार, घायल पूर्ण ने बताया था कि आरोपी भीम ने उसके साथ रातभर बेरहमी से मारपीट की और धारदार हथियार से हमला किया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज नल्हड़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, साक्ष्य एकत्र किए और सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। जांच में जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत मामला पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है। अदालत ने यह भी माना कि मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय उम्रकैद की सजा उचित है।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसी सजा समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक है।

