दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए करीब 40 वर्ष पुरानी तारों को बदला जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिजली विभाग को 39 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी है।
संजीव घनगस, सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के सभी क्षेत्रों में नई विद्युत तारें लगाई जाएंगी। हरियाणा सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ कुलगुरु ने एक सप्ताह पहले विश्वविद्यालय में बिजली की समस्या के बारे में विस्तृत बातचीत की थी। उस दौरान संबंधित अधिकारियों ने बताया था कि सभी तारें संस्थान की स्थापना के समय लगभग 40 वर्ष पूर्व बिछाई गई थीं। वे अब काफी खराब हालत में हैं। उन्होंने बताया कि तारों के टुकड़े इनमें जोड़-जोड़ कर काम चलाने की कोशिश की जाती है, लेकिन ये फिर टूट जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय में बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
विद्युत संकट का समाधान
इसके बाद कुलगुरु प्रो. एस.पी. सिंह ने तुरंत त्वरित कार्यवाही की और अब बिजली विभाग को विश्वविद्यालय ने नई विद्युत तारें बिछाने के लिए लगभग 39 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए हैं। इसके साथ ही नई विद्युत तारों को लगाने का कार्य बहुत ही जल्दी शुरू हो जाएगा। इन नई तारों के बिछने के बाद विश्वविद्यालय के किसी भी क्षेत्र एवं विभाग में बिजली आपूर्ति की कई वर्षों से चली आ रही समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
मूलभूत सुविधाओं में सुधार
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस. पी. सिंह ने बिजली, पानी और साफ-सफाई के क्षेत्र में लगातार सुधारात्मक प्रयास किये हैं। प्रशासन के इन प्रयासों के चलते इस क्षेत्र में अब काफी सुधार भी देखने को मिला है। अधिकारी जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि शैक्षणिक कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

