मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। जिले के मधवापुर प्रखंड मुख्यालय पंचायत के मुखिया राजेश साह, सरपंच बलराम कुमार झा, उनके सहयोगी अशोक मिश्र एवं विकास चंद्र ठाकुर को प्रभारी एससी-एसटी के न्यायधीश एडीजे सेकंड ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। दरअसल इन लोगों के विरुद्ध मधवापुर पंचायत के वार्ड पांच निवासी राज किशोर राम ने एससी-एसटी एक्ट में संबधित न्यायालय में विगत 03 जुलाई 2024 को सीआर नंबर 42/2024 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।

जानें क्या है पूरा मामला?

एससी-एसटी कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने बताया कि, वादी द्वारा दायर मुकदमे के अनुसार मधवापुर में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में आरोपियों द्वारा लॉटरी काटी जा रही थी, जिसका एक कूपन वादी ने भी अपनी बेटी के नाम से लिया था, जब 24 जनवरी 2024 को लॉटरी खुला तो प्रथम पुरस्कार में अपाची मोटरसाइकिल उनकी बेटी के नाम से पड़ा। जिसे, उन्हें आगत अतिथियों के समक्ष हस्तगत करा दिया गया।

शिकायत करने पर गाली-गलौज और मारपीट

एक सप्ताह बाद में संबंधित बाइक एजेंसी के द्वारा उक्त बाइक उठाकर ले जाया गया। इसकी शिकायत जब आयोजन समिति के अध्यक्ष मुखिया राजेश कुमार साह, सरपंच बलराम कुमार झा, प्रभात रंजन गुप्ता उर्फ डब्लू गुप्ता, अशोक मिश्र एवं विकास चंद्र ठाकुर सहित समिति के अन्य सदस्यों से किया तो वे लोग उल्टे गाली-गलौज एवं मारपीट करने लगे, जिसके बाद इसकी जानकारी समाज के प्रायः सभी प्रबुद्ध लोगों को दिया और स्थानीय थाने में भी आवेदन दिया गया। लेकिन, इनलोगों की दबंगता के सामने कोई कुछ कहने बोलने एवं सामाजिक तथा कानूनी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटाई तो थक हारकर वादी ने न्यायालय में मामला दर्ज कराया।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी आरोपी

विशेष लोक अभियोजक एससी-एसटी सिंह ने बताया कि इस कोर्ट से पहले सभी आरोपियों को नोटिस देने का प्रावधान है। इसके बाद गैर जमानती वारंट निकला था। इसी को लेकर प्रभात रंजन गुप्ता को छोड़कर शेष चार आरोपी जमानत के लिए आज न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। जिसमें, दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रभारी न्यायाधीश एडीजे सेकंड ने आत्म समर्पण करने वाले सभी आरोपियों की जमानत अस्वीकृत करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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