मुजफ्फरपुर। जिले से अनुशासनहीनता और कानून के उल्लंघन का एक और मामला सामने आया है। यहां रामपुरहरि मॉडल थाने में अनुकंपा के आधार पर बहाल किए गए चौकीदार राम विजय कुमार का शराब पीते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल हो रहे इस वीडियो में चौकीदार राम विजय कुमार अपने कुछ अन्य साथियों के साथ एक टेबल पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं। टेबल पर शराब के गिलास और कुछ खाद्य सामग्रियां भी रखी हुई हैं। वीडियो बनाने के दौरान चौकीदार के हाथ में कथित तौर पर शराब की बोतल साफ तौर पर दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह वीडियो रामपुरहरि थाना के ठीक पास स्थित किसी होटल का है, जहां ये लोग बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के बयान और शुरुआती जांच
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है।
- थानाध्यक्ष का बयान: रामपुरहरि थानाध्यक्ष अंजलि कुमारी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने वीडियो देख लिया है, लेकिन उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच सर्किल इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है, और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
- सर्किल इंस्पेक्टर की पड़ताल: वहीं सर्किल इंस्पेक्टर रंजन कुमार ने शुरुआती जांच के आधार पर एक नया दावा किया है। उनका कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह वीडियो झारखंड के कोडरमा जिले का प्रतीत हो रहा है। रामपुरहरि थाना क्षेत्र के आसपास जब छानबीन की गई, तो वीडियो में दिखाई देने वाले हुलिए जैसा कोई भी होटल स्थानीय इलाके में नहीं मिला है। वीडियो में दिख रहे कुछ अन्य लोगों से जब फोन पर बातचीत की गई तो उनके कोडरमा के रहने वाले होने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस हर एंगल से इस मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है।
एसएसपी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने संबंधित डीएसपी और सर्किल इंस्पेक्टर को इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने का सख्त निर्देश दिया है। एसएसपी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जांच के दौरान यह वीडियो और चौकीदार की संलिप्तता सही पाई जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है ऐसे में पुलिस विभाग के ही एक कर्मी द्वारा इस तरह के कृत्य में शामिल होने की खबर ने महकमे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


