मुजफ्फरपुर। जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भेद खोला है जो किराए के कमरे में रहकर चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देता था। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर अपराधियों के साथ-साथ उन्हें पनाह देने वाले मकान मालिक को भी धर दबोचा है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान की गई।
मुख्य बिंदु और घटना का खुलासा
पूरी घटना का खुलासा करते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि 14 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के एमआईटी कॉलेज के पास वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक पर सवार दो युवकों को रोक कर जब तलाशी ली गई, तो उनके पास से गांजा, मोबाइल और एक चोरी की बाइक बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले महेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज थाना क्षेत्र के आनंद राय के रूप में हुई है।
मकान मालिक की संलिप्तता और किराए का खेल
जांच में यह बात सामने आई है कि सिकंदरपुर का रहने वाला मकान मालिक प्रेयस कुमार इन अपराधियों को अपना कमरा उपलब्ध कराता था। इसके बदले वह उनसे किसी तरह का किराया नहीं वसूलता था, बल्कि चोरी, छिनतई और गांजा तस्करी से होने वाली कमाई में सीधी हिस्सेदारी लेता था। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है।
सोने की चेन और गांजा बरामद
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक लॉज में छापेमारी की जहां से पिछले दिनों इमलीचट्टी बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति से छीनी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई। इसके अलावा, उनके पास से तीन मोबाइल, गांजा और चोरी की बाइक भी जब्त की गई है। महेंद्र यादव के खिलाफ पहले से भी कई छिनतई के मामले दर्ज हैं, जिनमें ब्रह्मपुरा और बरूराज थाना के मुकदमे शामिल हैं।
दूसरे जिलों और नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह चोरी और छिनतई का सामान बेचने के लिए कोढ़ा ले जाता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सामान बेचने के बाद मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कहां होता था और इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं। इस मामले में ब्रह्मपुरा थाने में नया कांड दर्ज कर लिया गया है और तीनों आरोपियों से सख्त पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्दी पकड़ा जा सके।

