मुजफ्फरपुर। साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बीमा के नाम पर ठगे गए पूरे 3 लाख रुपए महज 35 दिनों के भीतर पीड़ित के खाते में वापस करा दिए हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराध के मामलों में यदि समय रहते कदम उठाया जाए, तो अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले अशोक कुमार राय से जुड़ा है। गत 29 जून को उनके पास एक फोन आया, जिसमें ठगों ने खुद को एक निजी इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बीमा पॉलिसी के नाम पर लुभावने झांसे देकर साइबर अपराधियों ने उनसे 3 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और राशि होल्ड
शिकायत मिलते ही मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान की मदद से तुरंत उन बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद, संबंधित बैंकों से संपर्क साधकर ठगी गई पूरी राशि को तत्काल होल्ड करवा दिया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब वह पूरी राशि सुरक्षित तरीके से पीड़ित के बैंक खाते में वापस भेज दी गई है।
पीड़ित ने जताया आभार
रुपए वापस मिलने के बाद पीड़ित अशोक कुमार राय की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि मेरे डूबे हुए पैसे वापस मिल पाएंगे। पहले मेरा मानना था कि ऐसे मामलों में पुलिस कुछ खास मदद नहीं कर पाती, लेकिन मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस ने मेरी यह सोच पूरी तरह बदल दी है।
साइबर डीएसपी की आम जनता से अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है:
- समय का महत्व: साइबर डीएसपी ने बताया कि ठगी के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज कराता है, तो रकम रिकवर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- हेल्पलाइन नंबर: ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
- सतर्कता बरतें: अनजान कॉल्स, फर्जी इंश्योरेंस ऑफर्स, लुभावनी निवेश योजनाओं और किसी भी तरह के लालच देने वाले ऑनलाइन प्रस्तावों से हमेशा सावधान रहें।
- गोपनीय जानकारी न दें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता विवरण, ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI Pin) या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारियां कभी भी साझा न करें।


