मुजफ्फरपुर। जिले के राजेपुर ओपी क्षेत्र के सहमलवा में एक अवैध देसी शराब अड्डे के पास से 40 वर्षीय युवक मंजय सिंह का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद किया गया है। मृतक बरूराज थाना क्षेत्र के छिपुलिया गांव का रहने वाला था और खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों ने दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

​दोस्तों के साथ घर से निकला था मंजय

​मिली जानकारी के अनुसार, मंजय सिंह बुधवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ घर से बाहर निकला था। परिजनों का कहना है कि उसके दोस्त ही उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। इसके करीब छह घंटे बाद परिवार के पास उसकी तबीयत गंभीर होने की सूचना पहुंची। जब तक परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक मंजय की सांसें थम चुकी थीं और उसकी मौत हो चुकी थी। जिस जगह पर उसका शव मिला, वह उसके घर से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित था।

​शराब में जहर मिलाने का आरोप

​मृतक के भाई अजय सिंह ने एसकेएमसीएच में पोस्टमार्टम के दौरान मीडिया को बताया कि उसके भाई को साजिश के तहत दोस्तों द्वारा जहर या कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर शराब पिलाई गई है, जिससे उसकी मौत हुई। परिजनों का यह भी आरोप है कि पिछले दो वर्षों से कुछ लोग उसे लगातार शराब पिला रहे थे। मृतक की पत्नी ने भी यही आशंका जताई है कि उसके पति को सुनियोजित तरीके से जहरीली शराब या अन्य कोई घातक पदार्थ दिया गया है। मंजय के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा दिव्यांग है और बाकी दो बच्चे आठ व दस वर्ष के हैं। परिवार में कमाने वाला इकलौता वही शख्स था।

​ग्रामीणों की जुबानी और पुलिस की कार्रवाई

​दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीण संजीत कुमार का कहना है कि मंजय अक्सर शराब पीने का आदी था और कई बार वह बिना कुछ खाए-पिए ही शराब का सेवन कर लेता था। इस वजह से उसका शरीर काफी कमजोर हो चुका था। ग्रामीणों को भी अंदेशा है कि अत्यधिक या जहरीली शराब के सेवन से उसकी जान गई होगी और इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए।
​घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने देर रात घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। बरूराज थानाध्यक्ष कुणाल ने बताया कि पुलिस को युवक की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजनों की तरफ से लिखित आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।