मुजफ्फरपुर। जिले में औद्योगिक विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मोतीपुर के महवल में बने अत्याधुनिक मेगा फुटवियर एंड एसेसरीज लेदर पार्क का उद्घाटन कल यानी 15 अक्टूबर को होने वाला है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे। इस बड़े आयोजन को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और सुरक्षा से लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
सुरक्षा और प्रशासन की कड़ी तैयारियां
मुख्यमंत्री के आगमन और कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतलेश कुमार मिश्रा ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम के साथ कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वीआईपी हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्क परिसर, पार्किंग क्षेत्र, वाहनों के आने-जाने के रूट और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। इसके साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंच-पंडाल की व्यवस्था, साफ-सफाई, निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति तथा ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पांच किलोमीटर का दायरा नो ड्रोन जोन घोषित
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए महवल लेदर पार्क के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे को मंगलवार शाम 4 बजे से ही नो ड्रोन फ्लाई जोन घोषित कर दिया है। डीएम ने मीडिया को जानकारी दी है कि लेदर पार्क उद्घाटन के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीं, एसएसपी कांतलेश कुमार मिश्रा ने सुरक्षा में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त काफी बढ़ा दी गई है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
इस मेगा लेदर पार्क के शुरू होने से मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के युवाओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए और सुनहरे अवसर पैदा होंगे। इस पार्क के भीतर चार नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर जूते, फुटवियर, लेदर जैकेट, बेल्ट, पर्स और अन्य चमड़े से जुड़ी एसेसरीज का निर्माण किया जाएगा। अनुमान है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से इस क्षेत्र के लगभग 1,440 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिल सकेगा, जिससे न सिर्फ पलायन रुकेगा बल्कि इस पूरे इलाके के आर्थिक विकास को एक नई और तेज गति मिलेगी।

