कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में भू-माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों की सांठगांठ में मुशहरी अंचल के निलंबित अंचल अधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करुण कुमार को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों पर भू-माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी केवाला (रजिस्ट्री दस्तावेज) के आधार पर करोड़ों की जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) करने का गंभीर आरोप है।

​रिटायर्ड अवर सचिव की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

​यह पूरा मामला सहबाजपुर निवासी रिटायर्ड अवर सचिव विजय कुमार की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने अहियापुर थाने में सीओ समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विजय कुमार का आरोप था कि उनकी 70 डिसमिल खतियानी और पुश्तैनी जमीन का फर्जी केवाला तैयार कर अवैध रूप से दाखिल-खारिज कर दिया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने वैशाली के कृष्णनंदन पासवान समेत कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी उजागर की है।

​विशेष कोर्ट के वारंट पर हुई कार्रवाई

​केस के जांच अधिकारी (IO) की अर्जी पर विशेष कोर्ट (MP-MLA मामले) ने सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार और राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीओ और आरओ को दबोच लिया, जबकि राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में छापेमारी जारी है।

​कोर्ट में पेशी से पहले सीओ की बिगड़ी तबीयत

​शुक्रवार की शाम विशेष कोर्ट में पेशी से पहले जब पुलिस दोनों अधिकारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए सदर अस्पताल ले गई, तो सीओ महेंद्र शुक्ला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने सीने में बेचैनी और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें करीब तीन घंटे तक अपनी निगरानी में रखा। स्थिति सामान्य होने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

​पुलिस की जांच जारी

​प्रभारी एसडीपीओ (टाउन-2) हिमांशु कुमार ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस भू-माफिया और राजस्व कर्मियों के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना है।