म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोपों से जुड़े मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत में डिफॉल्ट जमानत की अर्जी दाखिल की। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं

वैनडाइक की जमानत याचिका का प्रमुख आधार हाल में दाखिल एनआईए की चार्जशीट है। याचिका में कहा गया है कि चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं।

एनआईए ने मार्च 2026 में दर्ज मामले में वैनडाइक समेत छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला शुरुआत में UAPA की धारा 18 समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।

NIA ने कहा- UAPA जांच अभी जारी

एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि UAPA से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि यदि जांच के दौरान UAPA के तहत कोई अपराध सामने आता है, तो बाद में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं होने का यह अर्थ नहीं है कि आरोपितों के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित जांच समाप्त हो गई है।

180 दिन की हिरासत पूरी होने से पहले दाखिल हुई चार्जशीट

सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने फिलहाल आप्रवासन और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025 (IFA) के तहत वे आरोप चार्जशीट में शामिल किए हैं, जिन्हें जांच के दौरान अब तक स्थापित किया जा चुका है।

वैनडाइक की 180 दिनों की वैधानिक न्यायिक हिरासत अवधि 8 सितंबर को पूरी हो रही थी। ऐसे में एनआईए ने अब तक स्थापित अपराधों के संबंध में चार्जशीट दाखिल की। अदालत अब डिफॉल्ट जमानत की अर्जी पर एनआईए के जवाब के बाद आगे सुनवाई करेगी।

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