वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के रहुई थाना क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली की दुकान पर राशन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कराने गई 64 वर्षीय सुंदरी देवी की तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे हरिपुर गांव में मातम का माहौल है, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और सुरक्षा की मांग को लेकर बिहटा-सरमेरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह से ठप कर दिया।

​बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर लौटते समय हुआ हादसा

​जानकारी के मुताबिक, हरिपुर गांव निवासी आनंदी पासवान की पत्नी सुंदरी देवी शुक्रवार की शाम पड़ोसी गांव में जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान से बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट देकर अपने घर पैदल लौट रही थीं। इसी दौरान सलमाबाद मोड़ के पास पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वृद्धा सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गईं। हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन लेकर मौके से भाग निकला।

​अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

​स्थानीय लोगों की मदद से घायल सुंदरी देवी को तुरंत इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

​बिहटा-सरमेरा मार्ग जाम, स्पीड ब्रेकर की मांग

​घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सलमाबाद मोड़ के समीप बिहटा-सरमेरा हाईवे को जाम कर दिया। सड़क पर उतरकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं:

  • ​पीड़ित परिवार को तत्काल उचित सरकारी आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
  • ​हादसों को रोकने के लिए सलमाबाद मोड़ पर तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।

​ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मोड़ पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन वाहनों की रफ्तार रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।

​पुलिस ने संभाला मोर्चा

​सड़क जाम की जानकारी मिलते ही रहुई थानाध्यक्ष ललित विजय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराने और मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।