वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना अंतर्गत विशुनपुर गांव में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने से दो लोगों की जान चली गई है, जबकि एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

एक ही छत के नीचे खत्म हुआ हंसता-खेलता परिवार

​घटना की शुरुआत पारिवारिक कलह से हुई। पुलिस के अनुसार, सबसे पहले परिवार के सदस्य पुरुषोत्तम तांती ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसे समय रहते बचा लिया गया। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद घर में मौत का सिलसिला शुरू हो गया। रंजीत तांती और उनकी पत्नी गोरी देवी ने कीटनाशक दवा खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गोरी देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि रंजीत तांती गंभीर स्थिति में उपचाराधीन है। इस त्रासदी का सबसे दुखद अंत घर के मुखिया 65 वर्षीय दिलेन्द्र तांती के साथ हुआ, जिन्होंने घर की छत पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

​4 साल के मासूम ने खोले खौफनाक राज

​इस पूरी घटना का सबसे मार्मिक पहलू चार साल के प्रिंस का बयान है। मासूम ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता ने उसे भी जहर देने का प्रयास किया था, लेकिन उसने कीटनाशक को फेंक दिया, जिससे उसकी जान बच गई। उसकी इस मासूमियत और हिम्मत ने पुलिसकर्मियों को भी भावुक कर दिया।

​ससुर-बहू के अवैध संबंध का है मामला?

​हिलसा के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद के पीछे ससुर और बहू के बीच कथित अवैध संबंधों के कारण उपजे तनाव की बात सामने आई है। डीएसपी ने कहा प्राथमिक तौर पर यह लग रहा है कि परिवार में लंबे समय से आंतरिक कलह चल रही थी, जो इस भयानक घटना का कारण बनी। हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं।
​फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पुलिस अब परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल वजह का पता लगाया जा सके। इलाके में चर्चा है कि एक कथित कलंक ने एक पूरा परिवार तबाह कर दिया।