वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के नेशनल हाईवे-20 पर तेज रफ्तार का जानलेवा खेल देखने को मिला। हरनौत थाना क्षेत्र में एक अनियंत्रित कार ने ऐसी तबाही मचाई कि एक परिवार का चिराग बुझ गया, जबकि दो अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इस भीषण सड़क हादसे के बाद इलाके में मातम और चीख-पुकार का माहौल है।

​कैसे हुआ ‘मौत का तांडव’?

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह दर्दनाक घटना हरनौत थाना अंतर्गत मुढारी गांव के समीप घटित हुई। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन पटना की ओर से बिहारशरीफ की तरफ जा रहा था। गाड़ी की गति इतनी अधिक थी कि चालक ने अचानक अपना संतुलन खो दिया। अनियंत्रित कार सबसे पहले हाईवे के डिवाइडर से टकराई और फिर पास ही खड़ी एक बुलेट मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुलेट के परखच्चे उड़ गए और वहां मौजूद लोग लहूलुहान होकर गिर पड़े।

​इलाज के दौरान तोड़ा दम

​हादसे के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। अफरा-तफरी के बीच राहगीर समेत तीन घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए रेफरल अस्पताल, कल्याण बीघा ले जाया गया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान भूषण कुमार (40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सुखनंदन प्रसाद के पुत्र थे। वहीं, दो अन्य घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, जिनका उपचार जारी है।

​पुलिसिया कार्रवाई और ग्रामीणों का आक्रोश

​ग्रामीण जितेंद्र कुमार ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना की सूचना मिलते ही हरनौत थाना पुलिस सक्रिय हुई और दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।