वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के हरनौत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रेलवे के सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाने में डीजल चोरी के मामले का आरपीएफ ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान एक सरकारी रेलवे कर्मचारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से 240 लीटर डीजल बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ ने कहा कि चोरी का यह खेल पिछले कई महीनों से चल रहा था।

निरीक्षक प्रभारी को मिली थी गुप्त सूचना

मामला हरनौत बाजार स्थित रेलवे के सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाने का है। आरपीएफ पोस्ट हरनौत के निरीक्षक प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4:30 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ निजी कर्मचारी रेलवे के पावर कार से डीजल निकालकर वर्कशॉप परिसर में स्थित एक गोदाम में छिपा रहे हैं।

मामले में कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान अग्रवाल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में दो लोगों को छोटे गैलन से बड़े ड्रम में डीजल डालते हुए पकड़ा गया। उनकी पहचान संजीव कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर बताया कि डीजल रेलवे के पावर कार से निकाला गया था। उन्होंने पेंट शॉप में कार्यरत रेलवे कर्मचारी अमन कुमार और सुपरवाइजर राजेश कुमार की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।

जांच-पड़ताल जारी

इसके बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए रेलवे कर्मचारी अमन कुमार और सुपरवाइजर राजेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। मौके से सात गैलन और एक ड्रम में रखा कुल 240 लीटर डीजल जब्त किया गया। आरपीएफ ने चारों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। मामले की जांच उप निरीक्षक मुसाफिर राम को सौंपी गई है।

ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि रेलवे वर्कशॉप के अंदर कथित तौर पर कई महीनों से चल रहे इस खेल में और किन लोगों की भूमिका सामने आती है? जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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