वीरेंद्र कुमार, पटना। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के देवीसराय मोहल्ले में रविवार देर रात अपराधियों ने एक डकैती की वारदात को अंजाम दिया। हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने एक बड़े बीज कारोबारी के घर को निशाना बनाया। इस दुस्साहसिक घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छत के रास्ते घर में दाखिल हुए बदमाश
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब एक बजे लगभग एक दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते से बीज कारोबारी राजीव रंजन कुमार के घर में दाखिल हुए। घर के भीतर प्रवेश करते ही बदमाशों ने सबसे पहले नीचे तल पर सो रहे बुजुर्ग दंपती फुलंती देवी और बालेश्वर प्रसाद को अपने कब्जे में ले लिया। जब बुजुर्ग दंपती ने विरोध करने की कोशिश की, तो बेरहम अपराधियों ने उनके साथ मारपीट की, गहने नोच लिए, गला दबाया और उनके मुंह पर टेप लगाकर हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद बदमाशों ने बुजुर्ग दंपती को जान से मारने की धमकी देकर ऊपर की मंजिल का दरवाजा खुलवाया।



कारोबारी के परिवार को बनाया बंधक और की मारपीट
ऊपरी मंजिल पर पहुंचने के बाद बदमाशों ने कारोबारी राजीव रंजन कुमार, उनकी पत्नी आभा सुमन और उनके बच्चों को भी हथियार के बल पर बंधक बना लिया। पीड़ित परिवार के मुताबिक, जब कारोबारी ने तिजोरी की चाबी देने से इनकार किया, तो बदमाशों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं, अपराधियों ने छोटे बच्चे का गला दबाकर पूरे परिवार को आतंकित किया, जिसके बाद भयभीत होकर परिवार ने तिजोरी और अलमारियों की चाबियां उनके हवाले कर दीं।
एक घंटे तक घर में तांडव और भारी लूटपाट
पीड़ित परिवार के अनुसार, हथियारबंद बदमाश करीब एक घंटे तक आराम से घर के अंदर रहे और बेखौफ होकर तांडव मचाते रहे। बदमाश घर से 45 लाख रुपये नकद, लगभग 40 भर सोना, तीन किलो चांदी और लाखों रुपये मूल्य के डायमंड आभूषण लूटने में सफल रहे। परिवार ने बताया कि घर के अंदर कुल 12 बदमाश मौजूद थे, जबकि 3 से चार अन्य लोग बाहर पहरा दे रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर बाहर से मुख्य गेट का ताला काटकर फरार हो गए।
पुलिस जांच और स्थानीय लाइनर की आशंका
घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-1 अमरनाथ और दीपनगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तेजी से छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस बड़ी वारदात में किसी स्थानीय ‘लाइनर’ की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, किसी अंतरराज्यीय गिरोह के हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालकर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। इस घटना ने नालंदा में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, और लोग पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।


