वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार शरीफ (नालंदा) के टाउन स्कूल के पास स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की एक बेहद निंदनीय घटना सामने आई है। कुछ नाबालिग लड़कों द्वारा मंदिर परिसर में पत्थरबाजी करने और शिवलिंग के पास आपत्तिजनक हरकत करने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय निवासियों और शिव भक्तों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

​सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

​मंदिर की देखरेख करने वाले सूरज कुमार के अनुसार, यह घटना शनिवार की है। जब वे शनिवार दोपहर करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने परिसर में चारों तरफ ईंट और पत्थर बिखरे हुए पाए। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह किसी की शरारत हो सकती है, इसलिए उन्होंने तुरंत मंदिर परिसर की साफ-सफाई कराई।
​हालांकि, जब संदेह होने पर उन्होंने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की, तो दंग कर देने वाला सच सामने आया। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ नाबालिग लड़के मंदिर परिसर के भीतर लगातार पत्थर फेंक रहे हैं। इसके बाद वे अंदर घुसकर शिवलिंग के पास अत्यंत आपत्तिजनक हरकत को अंजाम देते हैं। वीडियो की ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर गाली-गलौज और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।

​पुलिस प्रशासन की तुरंत कार्रवाई और अपील

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लिया और फुटेज के आधार पर वीडियो में दिख रहे लड़कों की पहचान शुरू कर दी। पहचान करने के बाद पुलिस ने उनके घरों पर जाकर पूछताछ भी की है।
​माहौल को संवेदनशील देखते हुए नालंदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हृदय कांत ने स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे पूरी तरह शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। एसपी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस घटना को कोई भी व्यक्ति राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश न करे। पुलिस इस मामले में संलिप्त मुख्य दोषियों और इन बच्चों को उकसाने या पीछे से शह देने वाले लोगों की भी पहचान कर रही है, जिनके खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​स्थानीय लोगों में नाराजगी और न्याय की मांग

​घटना के बाद से इलाके के हिंदू संगठनों और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी सुगबुगाहट और रोष है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर आपसी सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि पर्दे के पीछे छिपे असली साजिशकर्ताओं बेनकाब किया जा सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।