वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत बस्ती गांव के सैयद टोला में मंगलवार, 4 अगस्त को शॉर्ट सर्किट के कारण एक रिहायशी मकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में हालांकि लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई, लेकिन सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बहुत बड़ा गैस विस्फोट टल गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कैसे हुआ हादसा और मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मो. खुर्शीद आलम (पिता अब्दुल वारी) के घर में हुई। मंगलवार के दिन अचानक शॉर्ट सर्किट से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि आग लगने के तुरंत बाद परिवार के सभी सदस्य सतर्क हो गए और सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकल आए, जिससे किसी की जान को कोई खतरा नहीं हुआ।
दमकल विभाग की मुस्तैदी और टला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची। दमकल वाहन के चालक वीरेंद्र कुमार और अग्निक प्रभाकर कुमार ने अपनी जान की परवाह न किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया।
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान टीम ने सबसे बड़ा कदम उठाते हुए जलते हुए घर के अंदर रखे दो घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यदि समय रहते ये सिलेंडर बाहर नहीं निकाले जाते, तो वे भीषण गर्मी और आग के संपर्क में आकर फट सकते थे, जिससे पूरा मोहल्ला तबाह हो सकता था और भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था। दमकल कर्मियों की इस बहादुरी से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
भारी मात्रा में संपत्ति का नुकसान
भले ही जनहानि टल गई हो, लेकिन आग की भीषणता इतनी अधिक थी कि घर के अंदर रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस दुर्घटना में निम्नलिखित सामान नष्ट हो गए:
- दो कीमती बेड और बेडशीट
- दो मोबाइल फोन और उनके चार्जर
- लगभग 20,000 रुपये नकद (रुपये)
- पांच बड़े बक्सों में रखे गए कपड़े
- ओढ़ने-बिछाने के सभी प्रकार के वस्त्र और बिस्तर
- घर में रखा दैनिक उपयोग का अनाज
- कई महत्वपूर्ण और आवश्यक दस्तावेज
पुलिस प्रशासन का बयान
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अस्थावां थानाध्यक्ष सत्यम कुमार चंद्रवंशी ने मीडिया को जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत दमकल की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया था। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि फिलहाल इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से कोई भी लिखित आवेदन थाने में प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही पीड़ित पक्ष की तरफ से लिखित आवेदन दिया जाएगा, मामले की विधिवत जांच कर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


