वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के चंडी थाना क्षेत्र में 13 अगस्त से रहस्यमय तरीके से लापता 20 वर्षीय युवक रोहित कुमार का शव मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। रविवार, 16 अगस्त की शाम को घर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित बापू हाई स्कूल के पीछे मुहाने नदी के किनारे झाड़ियों के बीच से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने कपड़ों और अन्य शारीरिक निशानों के आधार पर इस शव की पहचान रोहित के रूप में की है और उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
सड़क जाम और पुलिस के साथ तीखी झड़प
रोहित का शव मिलने के बाद सोमवार की सुबह आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह- सुबह लोगों ने चंडी बाजार मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। जब करीब आधे घंटे बाद दूसरे मार्ग से यातायात बहाल करने का प्रयास किया गया, तो आक्रोशित भीड़ माधोपुर चौक पर जा पहुंची और वहां भी सड़क पर टायर रखकर आवागमन ठप कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही चंडी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उग्र परिजनों और पुलिसर्किमयों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। मृतक के पिता उमेश चौधरी ने मांग की है कि उनके बेटे के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।


परिजनों का गंभीर आरोप
मृतक के भाई ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि रोहित के 13 अगस्त को लापता होने के तुरंत बाद लिखित आवेदन देकर स्थानीय थाने को सूचित किया गया था। इस आवेदन में कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी दर्ज कराए गए थे, जिन पर परिवार को शक था। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते संदेही लोगों से पूछताछ की होती और सर्च ऑपरेशन चलाया होता, तो आज रोहित जिंदा उनके बीच होता। पुलिस की इस उदासीनता के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस का पक्ष और वैज्ञानिक जांच का भरोसा
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि बरामद किया गया शव पूरी तरह से डीकंपोज (सड़-गल) चुका है, जिसके कारण प्रथम पहचान करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शव की आधिकारिक पुष्टि डीएनए (DNA) टेस्ट के बाद ही संभव हो सकेगी।
शव के शरीर पर मौजूद निशानों के बारे में थानाध्यक्ष ने बताया कि दाहिने हाथ पर जो निशान दिख रहे हैं, वे संभवतः किसी जंगली जानवर द्वारा नोचे जाने के कारण बने हैं। पुलिस फिलहाल परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हत्या, आत्महत्या या अन्य सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है और पहचान के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।


