सुशील खरे, रतलाम। मध्य प्रदेश में लगातार नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। रतलाम में सिर्फ 4 महीनों में ही 13 करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ाया है। उज्जैन संभाग आईजी ने 2029 तक ड्रग नेटवर्क को तोड़ने का लक्ष्य रखा है। 

उज्जैन संभाग आईजी राकेश गुप्ता ने रतलाम और नीमच में इस साल नशे के विरुद्ध की गई कार्रवाई का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि एमडी (ड्रग्स) बनाने की बड़ी फैक्ट्रियां पकड़ी हैं। इसकी शुरुआत रतलाम पुलिस ने की, जिसके बाद पूरे प्रदेश में पुलिस ने नशे की फैक्ट्रियां पकड़ने का सिलसिला शुरू किया। इससे ड्रग माफिया की कमर टूटी है। हाल ही में मंदसौर पुलिस ने 20 किलो स्मैक पकड़ी है, जो मुझे लगता है कि पिछले कई वर्षों में पकड़ा गया सबसे बड़ा केस है। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि 2029 तक इस पूरे ड्रग नेटवर्क को तोड़ना है। 

हमारी कार्रवाई केवल तस्करों को पकड़ने या फैक्ट्रियां सील करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करी की काली कमाई से जो अवैध संपत्तियां खड़ी की गई हैं, उन्हें सफेमा कोर्ट मुंबई से फ्रीज करवा रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों की जमानत भी निरस्त करवाने में पुलिस टीम जुटी है।  

आईजी गुप्ता ने जिले के अपराधों की समीक्षा करते हुए यह भी कहा कि एनएसए जैसे कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, जिससे तस्करों पर पूरी तरह अंकुश लग सके। ड्रग माफिया को खत्म करने के लिए रतलाम, मंदसौर और नीमच तीनों जिलों की पुलिस अच्छा काम कर रही है। तस्करी के इस बेल्ट से 97 तस्करों से साढ़े 13 करोड़ से ज्यादा का नशा पकड़ा गया है। 

एसपी कुमार ने बताया कि रतलाम जिला पुलिस ने इस साल चार महीने में तस्करी से जुड़े 31 केस में 97 तस्करों को पकड़ा। उनसे 13 करोड़ 64 लाख 24 हजार 280 रुपए का नशा पकड़ा। इसमें 2 किलो 528 ग्राम अफीम, 4 किलो 963 ग्राम गांजा, 661 किलो 936 ग्राम डोडाचूरा, 100 ग्राम स्मैक, 13 किलो एमडी शामिल है।

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