दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। कहते हैं मुजरिम कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के शिकंजे से कभी ज्यादा दिन तक नहीं भाग सकता। नर्मदापुरम की सिटी कोतवाली पुलिस ने इस बात को एक बार फिर साबित कर दिखाया है। वर्ष 1991 के एक सनसनीखेज हत्याकांड और साक्ष्य मिटाने के संगीन मामले में पिछले 16 वर्षों से लगातार पुलिस को चकमा दे रहा स्थायी वारंटी संजय दीवान अब सलाखों के पीछे पहुंच चुका है।
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2010 से काट रहा था फरारी, आंखों में झोंक रहा था धूल
पुलिस के अनुसार वर्ष 2010 में अदालत द्वारा स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद से आरोपी संजय दीवान लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से ‘आंख-मिचौली’ खेल रहा था। उसे लगा था कि समय बीतने के साथ उसके गुनाहों की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई है, लेकिन सिटी कोतवाली थाना प्रभारी गौरव बुंदेला और उनकी टीम ने उसकी इस गलतफहमी को दूर कर दिया।
राजा मोहल्ले में गुप्त सूचना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
थाना प्रभारी गौरव बुंदेला को मुखबिर से सटीक और गुप्त सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार वारंटी संजय दीवान राजा मोहल्ला स्थित अपने घर पर छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तुरंत विशेष टीम गठित कर आरोपी के मकान की घेराबंदी करवाई और अचानक दबिश दी। पुलिस की इस अप्रत्याशित कार्रवाई से आरोपी को भागने का मौका तक नहीं मिला और टीम ने उसे धर दबोचा।
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न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी संजय दीवान को न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। 16 साल पुराने फरार वारंटी की गिरफ्तारी के बाद जहां अपराधियों में हड़कंप मचा है, वहीं शहर भर में कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की जमकर सराहना हो रही है।
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