हरियाणा के नारनौल में राष्ट्रीय सैनी सभा और दैनिक रेलयात्री जागरूक मंच ने क्षेत्र में ट्रेन सेवाओं के विस्तार को लेकर स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन भेजा है। इसमें माता वैष्णो देवी कटरा और हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन चलाने तथा नारनौल स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप सुविधा विकसित करने की मांग शामिल है।
महेंद्रगढ़। जिले में स्थित नारनौल रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और ट्रेन सेवाओं के विस्तार की मांग को लेकर सामाजिक व यात्री संगठनों ने पहल की है। राष्ट्रीय सैनी सभा (महेंद्रगढ़) तथा दैनिक रेलयात्री जागरूक मंच ने स्टेशन अधीक्षक महावीर प्रसाद के जरिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक मांग पत्र प्रेषित किया।
इस ज्ञापन के जरिए क्षेत्रवासियों ने धार्मिक स्थलों जैसे माता वैष्णो देवी कटरा और हरिद्वार के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इसके अलावा नारनौल स्टेशन परिसर में बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित करने की अपील भी की गई है।
स्टेशन पर पिक-ड्रॉप जोन की मांग
राष्ट्रीय सैनी सभा के प्रदेश सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार ने स्टेशन व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजाना हजारों की संख्या में लोग नारनौल से यात्रा करते हैं, लेकिन वाहनों के ठहराव के लिए सुव्यवस्थित स्थान का अभाव है।
उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास कम से कम 10 गाड़ियों के खड़े होने लायक पिक एंड ड्रॉप लेन बनाने और यात्रियों के बैठने के लिए बेंच लगाने की मांग रखी।
धार्मिक स्थलों के लिए सीधी ट्रेनें
सैनी सभा के जिलाध्यक्ष संजय सैनी ने बताया कि अहमदाबाद-अजमेर-रिंगस-नारनौल-रेवाड़ी मार्ग से होकर जम्मू व कटरा के लिए कोई सीधी रेलगाड़ी नहीं चलती, जिससे गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के श्रद्धालुओं को बार-बार गाड़ियां बदलनी पड़ती हैं। उन्होंने इस रूट पर नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू करने पर जोर दिया।
वहीं, दैनिक रेलयात्री जागरूक मंच के सचिव मनीष कोली ने कहा कि नारनौल से हरिद्वार के लिए भी सीधे कोई ट्रेन सुविधा नहीं है। संगठन ने हरिद्वार के लिए नियमित गाड़ी चलाने और गर्मी के मौसम में चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों को स्थायी रूप से नियमित करने की मांग उठाई।
बांद्रा-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को दैनिक करने की अपील
मंच के अध्यक्ष अशोक कटारिया ने बताया कि बांद्रा-चंडीगढ़ सुपरफास्ट ट्रेन का परिचालन अभी सप्ताह में केवल दो दिन होता है। यदि इसे रोजाना कर दिया जाए तो दक्षिण हरियाणा के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
संगठनों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से क्षेत्र के व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और श्रद्धालुओं को सीधा फायदा होगा, साथ ही अंतरराज्यीय रेल कनेक्टिविटी को भी बल मिलेगा।


