कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए रादौर से 'नवीन कृषि संकल्प अभियान' शुरू हो रहा है जिसके तहत कुल 23 बड़े कार्यक्रम होंगे।
यमुनानगर। रादौर से किसानों को आधुनिक खेती, वैज्ञानिक अन्न भंडारण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक बड़े जनजागरूकता अभियान की शुरुआत होने जा रही है। सांसद नवीन जिंदल की पहल पर शुरू किए जा रहे ‘नवीन कृषि संकल्प अभियान’ का शुभारंभ 7 जुलाई को रादौर के सफल पैलेस में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे। अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
शनिवार को रादौर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता नेपाल राणा, सांसद कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह, कैथल कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान तथा अभियान समन्वयक ईशान पांडे ने अभियान का पोस्टर जारी कर इसकी रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान किसानों को विशेषज्ञों से सीधे जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
नेपाल राणा ने बताया कि अभियान के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, आधुनिक अन्न भंडारण, पर्यावरण संरक्षण और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कृषि विशेषज्ञ किसानों के सवालों का जवाब देकर व्यावहारिक समाधान भी बताएंगे।
सांसद कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने कहा कि सांसद नवीन जिंदल का उद्देश्य किसानों को विकसित भारत के निर्माण में सशक्त भागीदार बनाना है। उनका मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार किसान हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
रविंद्र धीमान ने बताया कि अभियान के दौरान विशेषज्ञ किसानों को खेती को अधिक लाभकारी बनाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देंगे। वहीं, अभियान समन्वयक ईशान पांडे ने कहा कि आधुनिक अन्न भंडारण प्रणाली, उससे मिलने वाले तकनीकी लाभ और वित्तीय अवसरों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के तहत कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के सभी ब्लॉक स्तर पर कुल 23 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती के मॉडल और बेहतर भंडारण व्यवस्था की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर, समृद्ध और तकनीक आधारित खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा।

