Navratri 2025: राजस्थान के जोधपुर में स्थित पुलिस लाइन दुर्गा माता मंदिर अपनी अनूठी परंपरा और मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां की देखरेख खुद पुलिस जवान करते हैं और अपनी ड्यूटी शुरू करने से पहले माता दुर्गा के चरणों में शीश झुकाते हैं।

सुबह से भक्तों की भीड़, विशेष पूजा-अर्चना जारी
नवरात्रि के पावन दिनों में मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। घटस्थापना से लेकर अखंड पाठ और भजन संध्या तक, नौ दिनों तक यहां भक्तिमय वातावरण बना रहता है।
1954 में हुई थी स्थापना, महाराजा के कार्यकाल से जुड़ा है इतिहास
मंदिर की स्थापना 1954 में पुलिस लाइन की स्थापना के साथ हुई थी। इसे तत्कालीन मारवाड़ के महाराजा के शासनकाल में स्थापित किया गया था, तभी से यह आस्था का केंद्र बना हुआ है।
पुलिस जवान निभाते हैं सेवक की भूमिका
मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस मंदिर की पूरी देखरेख पुलिस के जवानों द्वारा की जाती है। यह न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि पुलिस जवानों के लिए एक आध्यात्मिक प्रेरणा केंद्र भी है।
मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता
श्रद्धालुओं का मानना है कि माता के दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकतर अधिकारी और जवान अपनी ड्यूटी शुरू करने से पहले यहां माथा टेकते हैं।
नवरात्रि पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था
इस वर्ष भी नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है, और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
पढ़ें ये खबरें
- सड़क पर गंदा पानी फेंकने से मना किया तो पंच से की मारपीट, घटना CCTV में कैद, चार आरोपियों पर केस दर्ज
- रोपवे से आसान होगी तीर्थयात्रा, केदारनाथ-हेमकुंट परियोजनाओं पर तेज हुआ काम, मुख्य सचिव ने अफसरों को दिए कड़े निर्देश
- MP TOP NEWS TODAY: 22 जून को क्या कुछ रहा खास ? एक क्लिक में पढ़ें आज की सभी बड़ी खबरें
- नीट पेपर लीक की खबरों पर लगा ब्रेक: एसपी ने किया साफ- यह पेपर लीक नहीं, बल्कि पैसों के लेनदेन का है पूरा खेल
- भगवान राम की प्रतिमा तैयार, लेकिन स्थापना कब? संस्कृति मंत्री भी नहीं बता सके तारीख, सुनिए राजेश अग्रवाल ने क्या कहा…
