बलिया. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच बीजेपी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने टिकट को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में नेताओं के चक्कर काटने से टिकट नहीं मिलता, बल्कि पार्टी के लिए जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाया जाता है. नीरज शेखर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीटों को लेकर पार्टी में मंथन चल रहा है.

इसे भी पढ़ें- ब्राह्मणों पर टिप्पणी को लेकर फंसे स्वामी रामभद्राचार्य, न्यायालय ने दिया केस दर्ज करने का आदेश

‘पार्टी के लिए काम करने वालों को मिलता है टिकट’

मीडिया से बातचीत में नीरज शेखर ने कहा कि बीजेपी यह देखती है कि किस नेता या कार्यकर्ता ने पार्टी के लिए जमीन पर कितना काम किया है. उनके मुताबिक, किसी को टिकट पाने के लिए नेताओं के घर जाकर लगातार संपर्क करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पता रहता है कि किसे आगे बढ़ाना है.

राज्यसभा टिकट पर नेतृत्व का फैसला

संभावित राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची को लेकर नीरज शेखर ने कहा कि टिकट किसे देना है, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची पार्टी के स्तर पर तैयार होती है और इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या होने का दावा भी किया. सपा की ओर से धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी का अंदरूनी मामला बताया.

नीरज शेखर का कार्यकाल नवंबर में होगा पूरा

नीरज शेखर नवंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश से बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं. उनका मौजूदा कार्यकाल 26 नवंबर 2020 से शुरू हुआ था. यूपी से उनके साथ कई अन्य राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल भी 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना है.

इसे भी पढ़ें- मंदिर में दो साधुओं की हत्या से हड़कंप, एक शव जलता मिला तो दूसरा बना कंकाल

2007 में पहली बार लोकसभा पहुंचे थे

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने 2007 के उपचुनाव में सपा के टिकट पर बलिया से लोकसभा चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था. 2009 में भी उन्होंने जीत दर्ज की. 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह राज्यसभा पहुंचे. 2019 में सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी की ओर से राज्यसभा भेजे गए.