नीट और री-नीट परीक्षा धांधली मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य सरगना डॉक्टर रविशंकर उर्फ सम्राट और उसके भाई अश्विनी कुमार के पटना के रामकृष्णानगर स्थित ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस और जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
पांच बैंकों के 25 ब्लैंक चेक और खाताधारकों की पहचान
छापेमारी के दौरान ईओयू को पांच अलग-अलग बैंकों के 25 ब्लैंक चेक बरामद हुए हैं, जिन पर खाताधारकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं और बड़ी रकमें भरी हुई हैं। जब्त किए गए इन चेकों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के 10, बैंक ऑफ बड़ौदा के 4, यूनियन बैंक के 4, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 3 और एचडीएफसी (HDFC) बैंक के 4 चेक शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी रविशंकर की पत्नी मधु प्रिया के नाम की बैंक पासबुक और डॉक्टर रविशंकर के नाम की चेकबुक भी मिली है। जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश ब्लैंक चेक परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के अभिभावकों के हैं। परीक्षा माफियाओं को करोड़ों रुपये देने वाले इन अभिभावकों की एक विस्तृत सूची ईओयू द्वारा तैयार की जा रही है, जिन्हें जल्द ही नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
एडमिट कार्ड, अंकपत्र और शैक्षणिक दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड और मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी बड़ी संख्या में बरामद हुए हैं। इनमें नीट-2026 के अभ्यर्थी अभिषेक पटेल के नाम का एडमिट कार्ड और मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र विशेष रूप से शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2024, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों के अंकपत्र, प्रमाण पत्र और ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी मिले हैं। इस पूरी कार्रवाई के आधार पर टीम ने 25 संदिग्ध कैंडिडेट और स्कॉलर्स की एक सूची तैयार की है।
रिटायर्ड फौजी का बेटा है मुख्य सरगना डॉ. रविशंकर
मुख्य आरोपी डॉक्टर रविशंकर सम्राट और उसके भाई अश्विनी कुमार को ईओयू पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की कानूनी तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसी उनके द्वारा अपराध से अर्जित की गई अकूत संपत्ति का भी आकलन कर रही है। छापेमारी में आरोपियों के ठिकानों से एमबीबीएस परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं भी बरामद हुई हैं, जिनके संबंध में रिमांड अवधि के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार सरगना रविशंकर के पिता एक सेवानिवृत्त फौजी हैं।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच और कानूनी शिकंजा
जांच के दायरे में मुख्य आरोपी की पत्नी मधुप्रिया भी शामिल है, जो री-नीट परीक्षा में एक अभ्यर्थी थी। वह ओबीसी श्रेणी से ताल्लुक रखती है, लेकिन उसके पास से संपतचक प्रखंड कार्यालय से जारी किया गया एक एससी श्रेणी का फर्जी प्रमाण पत्र बरामद हुआ है। यह प्रमाण पत्र किस प्रकार और किन माध्यमों से बनवाया गया, इसकी तकनीकी और प्रशासनिक जांच चल रही है। वर्तमान में मधुप्रिया गर्भवती है, जिसके आधार पर उसकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगी हुई है, हालांकि वह फरार चल रही है। उसकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाने के लिए ईओयू की ओर से सक्षम न्यायालय में औपचारिक आवेदन दिया जाएगा।


